ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण उभर कर आई है. स्कॉटलैंड के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक अनोखे ड्राई फ्रूट ‘ब्राजील नट्स’ में पाए जाने वाले खनिज सेलेनियम को ब्रेस्ट कैंसर के फैलाव को रोकने में सक्षम बताया है. सेलेनियम एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर को बीमारियों और कैंसर से बचाने में मदद करता है. हालांकि, वैज्ञानिकों ने पाया कि यह खनिज विशेष रूप से ‘ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर’ जैसी खतरनाक स्थिति में कैंसर सेल्स को फेलने से रोक सकता है.
ग्लासगो स्थित कैंसर रिसर्च यूके स्कॉटलैंड इंस्टीट्यूट में वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि ब्रेस्ट कैंसर सेल्स शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने के लिए सेलेनियम पर निर्भर होती हैं. शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर सेलेनियम की कमी होती है, तो कैंसर सेल्स (विशेषकर फेफड़ों में फैलने की कोशिश कर रहे सेल्स) जीवित नहीं रह पाती हैं.
ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसरवर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में हर साल 2 मिलियन (20 लाख) से ज्यादा महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चलता है, जिनमें से लगभग 15 प्रतिशत महिलाएं ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होती हैं. यह एक ऐसा कैंसर है जो हार्मोन थेरेपी का जवाब नहीं देता, जिससे इसका उपचार कठिन हो जाता है। हालांकि, सर्जरी और थेरेपी से इसे अक्सर कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसका फैलाव इसे खतरनाक बना देता है.
भविष्य की उम्मीदेंशोधकर्ता डॉ. सावेरीओ टारडिटो ने कहा कि सेलेनियम को पूरी तरह से डाइट से हटाना संभव नहीं है, लेकिन अगर हम कोई ऐसी चिकित्सा विकसित कर सकें जो कैंसर सेल्स में सेलेनियम के उपयोग को रोक दे, तो हम इस कैंसर को शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक सकते हैं. इस अध्ययन के परिणाम ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए नई आशा लेकर आए हैं. उम्मीद है कि यह शोध भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.
ब्रेस्ट कैंसर के इन संकेतों पर रखें नजर* ब्रेस्ट में या बगल के हिस्से में कोई गांठ या असामान्य सूजन महसूस होना ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है.* यदि आपके ब्रेस्ट का आकार अचानक बदलता है या एक स्तन का आकार दूसरे से असमान हो जाता है, तो यह ध्यान देने योग्य हो सकता हैय* यदि निप्पल से दूध के अलावा रक्त या अन्य प्रकार का स्राव होता है, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है.* त्वचा में खिंचाव, गड्ढे पड़ना या नारंगी के छिलके जैसी बनावट बनना भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है.* यदि निप्पल की दिशा बदल जाती है या वह अंदर की ओर धंसने लगता है, तो यह भी कैंसर का संकेत हो सकता है.* ब्रेस्ट या निप्पल में लगातार दर्द महसूस होना, जिसे सामान्य चोट या हार्मोनल बदलाव से नहीं जोड़ा जा सकता, कैंसर का लक्षण हो सकता है.* अगर अंडर-आर्म्स या ब्रेस्ट के आस-पास के हिस्से में लसीका ग्रंथियों में सूजन महसूस होती है, तो यह भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
Škoda Auto India partners with CSC Grameen eStore to expand reach across India
Škoda Auto India has taken a significant step towards expanding its reach beyond urban strongholds by announcing a…

