ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने पाया है कि बैठने के बजाय खड़े होकर अधिक समय बिताने से दिल से जुड़ी समस्याओं में सुधार नहीं होता है, बल्कि इससे ब्लड सर्कुलेशन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. गुरुवार को प्रकाशित एक अध्ययन में, सिडनी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में 83,013 वयस्कों द्वारा पहने गए रिसर्च-ग्रेड कलाई डिवाइस के डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि बैठने की तुलना में खड़े रहने से कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं होता है.
शोधकर्ताओं ने पाया कि, लंबे समय तक अधिक खड़े रहने से किसी व्यक्ति में दिल से जुड़ी समस्याओं, जैसे- हार्ट अटैक, कोरोनरी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक से पीड़ित होने की संभावना कम नहीं होती है. बल्कि खड़े रहने से संबंधित सर्कुलेटरी समस्याओं जैसे कि वेरीकोज वेंस और डीप वेन थ्रोम्बोसिस का खतरा बढ़ सकता है.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शोध में पाया गया कि प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक समय तक बैठने से दिल की बीमारी और सर्कुलेटरी संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है. निष्कर्ष यह है कि बहुत देर तक खड़े रहने से गतिहीन लाइफस्टाइल में कोई सुधार नहीं होगा और यह कुछ लोगों के लिए संचार स्वास्थ्य के मामले में खतरा भरा हो सकता है. हमने पाया कि अधिक समय तक खड़े रहने से लंबे समय में दिल की सेहत में सुधार नहीं होता है और कम्युनिकेशन समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
खड़े रहने से लाइफस्टाइल में कोई सुधार नहीं होगासिडनी यूनिवर्सिटी में मेडिसीन और हेल्थ फैक्लटी से अध्ययन के प्रमुख लेखक मैथ्यू अहमदी ने कहा कि मुख्य निष्कर्ष यह है कि बहुत देर तक खड़े रहने से लाइफस्टाइल में कोई सुधार नहीं होगा और यह कुछ लोगों के लिए सर्कुलेटरी हेल्थ के मामले में खतरा भरा हो सकता है. हमने पाया कि अधिक समय तक खड़े रहने से लंबे समय में दिल की सेहत में सुधार नहीं होता है और संचार संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है.
खड़े रहने के बजाय चलेंशोधकर्ताओं ने सिफारिश की है कि जो लोग नियमित रूप से लंबे समय तक बैठे या खड़े रहते हैं, वे पूरे दिन नियमित रूप से चलने का समय निर्धारित करें. अहमदी और उनके सह-लेखक इमैनुएल स्टामाटाकिस द्वारा जुलाई में प्रकाशित पिछले शोध में पाया गया था कि प्रतिदिन छह मिनट का जोरदार व्यायाम या 30 मिनट का मध्यम से जोरदार व्यायाम उन लोगों में भी दिल की बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है, जो प्रतिदिन 11 घंटे से अधिक समय तक तनावग्रस्त रहते है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मक़सद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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