Why Young Indians are Dying Of Heart Attack: अगर आप कुछ दशक पीछे जाएं तो पाएंगे कि हार्ट अटैक का खतरा रिटायरमेंट की एज में ज्यादा होता, या फिर मिडिल एज के लोग इसकी जद में होते थे, लेकिन अब 20 से 30 साल के युवाओं को भी दिल का दौरा पड़ रहा है जो बेहद दुखद है. आइए एक्सपर्ट डॉक्टर से इसकी वजह जानने की कोशिश करते हैं.
मशहूर फिजीशियन डॉ. बिमल छाजेड़ ने एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान कहा, “ये नेचुरली एक ऐसी बीमारी है जो सेल्फ क्रिएटेड है, लोगों की लाइफस्टाइल खराब होती जा रही है, फिजिकल मेहनत हो नहीं रही है, खाना काफी फैट वाले खा रहे हैं, स्ट्रेस बहुत ज्यादा है. इसके अलावा स्मोकिंग, जर्दा, गुटखा. ये सभी मिलाकर हार्ट की बीमारी बढ़ती जा रही है.
कैसे आता है हार्ट अटैक?
डॉ. बिमल ने बताया, “हार्ट की 3 ट्यूब होती है, जो दिल तक ब्लड को पहुंचाती है, उसके अंदर चर्बी की लेयर जम जाती है. अगर हम फैट खाते हैं और उसे तोड़ते नहीं हैं, तो वो अंदर जमता रहता है. इस चर्बी का नाम है ‘कोलेस्ट्रॉल ट्राइग्लिसराइड’. ये जमते जमते ट्यूब को ब्लॉक कर देता है. जब तक 70 से 80 फीसदी ब्लॉकेज न हो, तब तक तो पता भी नहीं चलता. फिर ये ब्लॉकेज बढ़ता जाता है. तो एक न एक दिन वो हार्ट अटैक में बदल जाता है. हार्ट अटैक का मतलब है 100 फीसदी ब्लॉकेज, हार्ट अटैक का ब्लॉकेज किसी भी स्टेज में कम किया जा सकता है ”
“एक बच्चा जो पैदा लेता है वो ब्लॉकेज लेकर नहीं आता है. फिर 10 साल, 15 साल, फिर 20 साल तक उसकी ग्रोथ होती है. तब तक फैट खाए तब तक भी दिक्कत नहीं है. जिस दिन उसकी ग्रोथ रुक जाती है, हाइट बढ़नी बंद हो जाती है. उसके बाद जो चर्बी बनती है, वो ग्रोथ के काम तो आएगी नहीं. अब या तो वो चौड़ाई में बढ़ाएगा, या हार्ट के अंदर बढ़ाएगा.”
देर में जागते हैं लोग
डॉ. बिमल के मुताबिक, “जिस दिन चलने में दिक्कत हो जाए तो उस दिन समझ जाओ कि 70 से 80 फीसदी ब्लॉकेज हो चुका है. यानी कोई भी डॉक्टर के पास इस स्टेज से पहले पहुंचता ही नहीं है. बचाव हर स्टेज में करना चाहिए, लेकिन आम आदमी को जब तक तकलीफ नहीं होती है, तब तक वो कुछ करता नहीं है, लेकिन प्रिवेंशन पहले ही कर लेना चाहिए.”
हार्ट अटैक के इतने कारण हैं
डॉ. बिमल छाजेड़ ने कहा, “दिल की बीमारी के कई कारण होते हैं, कोई एक वजह नहीं होती , बल्कि 14 रीजंस होते हैं. कोलेस्ट्रॉल खून में ज्यादा होना, खाने में ज्यादा होता ट्राइग्लिसराइड, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मोटापा, स्मोकिंग, ज्यादा तेल खाना, नॉन वेज ज्यादा खाना, फल कम खाना, दूध ज्यादा पीना, या दूध का मक्खन ज्यादा खाना, स्ट्रेस ज्यादा लेना, कम टहलना, योगा न करना वगैरह. इन में से 2 से 4 बड़ी वजह हो, तो ब्लॉकेज की स्पीड बढ़ जाएगी.”
युवाओं को क्यों पड़ रहा है दिल का दौरा?
डॉ. बिमल ने इसकी चौंकाने वाली वजह बताई है, उन्होंने कहा, “पहले के जमाने में 60 साल में हार्ट की बीमारी होती थी, यानी 20 साल में शुरू हुआ और फिर 60 साल में हार्ट अटैक आया, यानी 40 साल लग गए ब्लॉकेज के लिए. यानी 40 साल में 80 फीसदी ब्लॉकेज है तो 2 फीसदी प्रति वर्ष के दर से ऐसा हो रहा है.”
“अब आज के जो युवा हैं वो स्ट्रेस में भी हैं, खाना भी गलत खा रहे हैं, स्मोक भी कर रहे हैं, एक्सरसाइज के लिए टाइम नहीं है, ओवरवेट हो गए हैं, तो उसके पास ज्यादा फैक्टर होने के कारण ब्लॉकेज की स्पीड बढ़ गई. अगर को 4 फीसदी ब्लॉकेज हर साल फेस कर रहा है, तो 40 की उम्र में ही 80 फीसदी ब्लॉकेज हो जाएगी, किसी का ब्लॉकेज 6 फीसदी प्रति वर्ष की स्पीड से हो रहा है तो वो 30 साल में ही हार्ट का मरीज हो जाएगा. यानी ब्लॉकेड की स्पीड की वजह से हार्ट अटैक कम उम्र के लोगों को आ रहा है.”
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.)
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