कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है. इससे बचने का एक मात्र तरीका वैक्सीनेशन है. हाल ही में ‘इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड’ (आईआईएल) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने कोविड-19 के खिलाफ एक इंट्रानेजल (नाक से दी जाने वाली) टीका विकसित किया है. इस नई दवा का विकास ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया है, और यह टीका सुई के बिना नाक के माध्यम से लिया जा सकता है.
आईआईएल के प्रबंध निदेशक के आनंद कुमार ने इस उपलब्धि को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने एक बयान में कहा, इस टीके के माध्यम से, हम टीकाकरण दरों को बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित करना चाहते हैं।
नया टीका, नई उम्मीद
यह नया इंट्रानेजल टीका कोविड-19 के खिलाफ एक नई तकनीक है. इसके विकास की प्रक्रिया में, ग्रिफिथ विश्वविद्यालय और आईआईएल ने मिलकर नाक से दी जाने वाली दवा को तैयार किया है, जो सुई की आवश्यकता के बिना सीधे नाक के माध्यम से दी जा सकती है. यह टीका खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो सुई से डरते हैं या जिन्हें नियमित टीकाकरण में कठिनाई होती है.
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टीकाकरण के लाभ और चुनौतियां
आईआईएल के अनुसार, कोविड-19 से जुड़े मामलों और मौतों की संख्या अभी भी चिंता का विषय है. कंपनी के बयान के अनुसार, दुनिया भर में हर हफ्ते लगभग 1,700 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत हो रही है. इस प्रकार, एक नई और सुविधाजनक टीकाकरण विधि की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
इंट्रानेजल टीका न केवल टीकाकरण प्रक्रिया को सरल बनाएगा बल्कि इससे टीकाकरण दरों को भी बढ़ाया जा सकता है. टीके की इस नई विधि के साथ, लोगों को टीकाकरण के लिए अधिक सहजता और सुविधा मिलेगी, जिससे महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी.
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