Indian Hockey Team, Paris Olympics 2024 : पेरिस ओलंपिक 2024 में 9 दिन बाकी हैं और भारतीय हॉकी टीम ने इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए कमर कस ली है. स्विटजरलैंड में हॉकी टीम ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. भले ही भारतीय हॉकी टीम से हाल ही के दिनों में कुछ खास प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है. बावजूद इसके टीम इंडिया इस बार हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार क्यों हैं. आइए जानते हैं इसके तीन बड़े कारण. भारतीय हॉकी टीम शनिवार 27 जुलाई को मैदान पर उतरने से पहले नीदरलैंड में कुछ फ्रेंडली मैच खेलेगी.
हॉकी में सबसे सफल रहा है भारत
ओलंपिक में भारत के लिए सबसे सफल खेल हॉकी रहा है. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इस गेम में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं. भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 1948 में अपना पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल जीता था. भारतीय हॉकी टीम ने फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 4-0 से हराकर गोल्ड हासिल किया. पेरिस ओलंपिक में भी हॉकी टीम से उम्मीद होगी कि गोल्ड लेकर घर लौटें. भारत के पास कुल मिलाकर 10 ओलंपिक गोल्ड मेडल हैं, जिनमें से 2 व्यक्तिगत खिलाड़ियों ने जीते हैं.
पहला कारण
भारतीय हॉकी टीम का हालिया प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. टीम को ग्रेट ब्रिटेन और जर्मनी के अलावा अन्य देशों से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अर्जेंटीना पर बढ़त हासिल की, जो पेरिस ओलंपिक में भी उसी पूल में है. लेकिन भारत तब अच्छा खेलता है जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है. उन्होंने एशियन गेम्स में यह साबित कर दिया है. जहां फाइनल में जापान को 5-1 से हराया. टोक्यो में भी उन्होंने जर्मनी जैसी दिग्गज टीम को हराकर 41 साल बाद ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीता. ऐसे में इस बार भी हॉकी टीम कमाल कर सकती है.
युवा और अनुभव का मिश्रण
भारतीय हॉकी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण है. एक तरफ गोलकीपर पीआर श्रीजेश और मिडफील्डर मनप्रीत सिंह हैं, जो अपने चौथे ओलंपिक का हिस्सा होंगे. यह उपलब्धि अब तक केवल धनराज पिल्लै के पास है. दूसरी तरफ, टीम में कुछ नए खिलाड़ी भी हैं, जैसे कि चतुर डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह और शानदार फॉरवर्ड अभिषेक, जो मैदान पर टीम के अनुभवी खिलाड़ियों के समान ही महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
पूल भी में भारत
भारत को पेरिस ओलंपिक के पूल बी में रखा गया है. इसमें बेल्जियम, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और आयरलैंड शामिल हैं. एक तरफ, बेल्जियम जैसे कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं और निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया एक बड़ी चुनौती है. इसके विपरीत भारत न्यूजीलैंड, आयरलैंड और अर्जेंटीना जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज कर सकता है, जिन्हें उन्होंने कुछ समय पहले हराया था. भारत का शेड्यूल भी बैलेंस्ड दिखता है. वे अपने पहले तीन मैच न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और आयरलैंड से खेलेंगे, जिनके खिलाफ जीत दर्ज करना सबसे बड़ा टारगेट होगा. इसके बाद भारत का सामना बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन टीमों से होगा. इसलिए अगले दौर के लिए क्वालीफाई करने के लिए भारत को पहले तीन मैचों में जीत हासिल करनी होगी, ताकि वे बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों का सामना करने से पहले अपने स्पॉट पक्का कर सके.

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