Joe Root: भारत और इंग्लैंड के बीच रांची में टेस्ट सीरीज का चौथा मैच खेला जा रहा है. इस सीरीज में भारत 2-1 से बढ़त बनाए हुए है. रांची टेस्ट मैच में फिलहाल इंग्लैंड की पकड़ मजबूत है. पहली पारी में 353 रन के जवाब में भारत के 219 रन पर 7 बल्लेबाज आउट हो चुके हैं. मैच के तीसरे दिन ध्रुव जुरेल और कुलदीप यादव भारत की पारी को आगे बढ़ाएंगे. मैच के बीच इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज जो रूट ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी टीम की ‘बैजबॉल’ शैली का मतलब अहंकारी होना नहीं ,बल्कि टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ रिजल्ट निकलवाना है. बता दें कि राजकोट में तीसरे टेस्ट में भारत के हाथों 434 रन से मिली हार के बाद इंग्लैंड की अति आक्रामक ‘बैजबॉल’ रणनीति की आलोचना होने लगी थी.
बैजबॉल का मतलब घमंडी नहीं… रूट ने कहा, ‘कई बार अधिक आक्रामक होना ही समाधान होता है. जैसे कि अगर मैं गेंद को पीट पा रहा हूं तो जसप्रीत बुमराह पर दबाव बनेगा. हमारा नजरिया अलग है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह अहंकारी होने की बात नहीं है. बैजबॉल शब्द का काफी इस्तेमाल होता है, लेकिन यह आपका शब्द है. हम इसे ऐसे नहीं देखते. हमारे लिए यही अहम है कि टीम के लिए एक दूसरे से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कराया जाए. एक टीम के रूप में बेहतर कैसे करें. यह हमेशा सटीक नहीं बैठता, लेकिन हम सुधार के प्रयास करते रहेंगे.’
शतक पर बोले रूट
एक समय 5 विकेट 112 रन पर गंवाने के बाद रूट के नाबाद 122 रन की मदद से इंग्लैंड ने 353 रन बनाए. जवाब में भारत ने दूसरे दिन स्टंप्स तक सात विकेट 219 रन पर गंवा दिए. रूट ने कहा, ‘मुझे काफी समय से इस पारी का इंतजार था. सीनियर खिलाड़ी होने के नाते और खासकर जब आप कई बार यहां खेल चुके हों तो टीम की जीत में योगदान देना चाहते हैं.’
बशीर की तारीफ की
टीम के युवा स्पिनर शोएब बशीर के लगातार 31 ओवर डालने की तारीफ करते हुए कहा, ‘वह काफी प्रतिभाशाली है और उसने साबित कर दिया है कि वह लंबे स्पैल भी डाल सकता है. उसने स्पिनरों को बखूबी खेलने वाले बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जो इंग्लिश क्रिकेट के लिये अच्छा संकेत है.’
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