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संन्‍यास का मन नहीं था लेकिन लेना पड़ा, मैरी कॉम ने जाते-जाते अपनी मजबूरी भी बता दी!| Hindi News



Mary Kom Statement: भारत की दिग्गज महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने अचानक संन्यास का ऐलान कर अपने सभी फैंस को मायूस कर दिया है. मैरी कॉम ने बुधवार देर रात को एक इवेंट के दौरान अपने फैंस को तगड़ा झटका दे दिया. किसी ने सोचा भी नहीं था कि मैरी कॉम इस इवेंट में अपने करियर पर ब्रेक लगाने वाली हैं. दिग्गज महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने खुलासा किया कि उनका संन्‍यास का मन नहीं था, लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा. 
मैरी कॉम ने बताई संन्यास की मजबूरीमैरी कॉम ने अपने मुक्केबाजी के दस्ताने लटका दिए क्योंकि अंतराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IBA) के नियम पुरुष और महिला मुक्केबाजों को केवल 40 साल की आयु तक ही इस स्तर पर प्रतियोगिता लड़ने की अनुमति देता है. 41 साल की हो चुकी मैरी कॉम के पास संन्यास लेने का ही विकल्प बचा था. जाते-जाते मैरी कॉम ने अपने संन्यास लेने की मजबूरी भी फैंस को बता दी. 
मैरी कॉम ने दिया भावुक रिएक्शन 
मैरी कॉम ने कहा, ‘मुझमें अभी भी भूख है, लेकिन दुर्भाग्य से उम्र सीमा खत्म हो जाने के कारण मैं किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकती. मैं और खेलना चाहती हूं, लेकिन मुझे (उम्र सीमा के कारण) बॉक्सिंग छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. मुझे संन्यास लेना ही होगा. इसलिए मैंने ऐसा किया है. मैंने अपने जीवन में सब कुछ हासिल किया.’
6 बार विश्व विजेता का खिताब जीता
बता दें कि मैरी कॉम दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने 6 बार विजेता का खिताब जीता है. मैरी कॉम ने साल 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 2006 में मैरीकॉम को पद्मश्री, 2009 में उन्हें देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी नवाजा गया. मैरी कॉम इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) की वुमन बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. वहीं, मैरी कॉम 2014 के एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला हैं. उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इसके अलावा मैरी कॉम 5 बार एशियाई चैंपियनशिप जीतने वाली भी इकलौती खिलाड़ी हैं. 



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