Mukesh Kumar Succes Story: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज के दो मैच हो चुके हैं. दोनों ही भारत ने जीत हैं. आईपीएल 2023 में अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद 30 साल के मुकेश कुमार को इंडियन टीम में मौका मिला. वह तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं और मौजूदा सीरीज में भी टीम का हिस्सा हैं. उनको लेकर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है. उन्होंने बताया है कि कैसे सिर्फ 2 गेंदों ने उनकी किस्मत चमका दी थी. उनके क्रिकेट में सफलता के पीछे पाकिस्तान के एक पूर्व क्रिकेटर का बहुत बड़ा हाथ रहा. आई आपको बताते हैं.
आईपीएल 2023 में खूब हुई चर्चाइंडियन प्रीमियर लीग(IPL 2023) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने जमकर तारीफ बटोरी थीं. उनकी गेंदबाजी के दिग्गज से दिग्गज गेंदबाज मुरीद हो गए थे. भले ही वह 10 मैचों में 7 विकेट लेने में कामयाब रहे लेकिन डेथ ओवर्स में उन्होंने अपने यॉर्कर्स का सबको दीवाना बना लिया था. यही कारण रहा था कि वह सेलेक्टर्स की नजरों में आए और टूर्नामेंट के बाद टीम इंडिया के लिए लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी भी बने. उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर टीम में शामिल किया गया था.
5.50 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा था
मुकेश कुमार पहली बार आईपीएल का हिस्सा थे. दिल्ली कैपिटल्स ने 5.50 करोड़ रुपए देकर उन्हें स्क्वॉड का हिस्सा बनाया था. दिल्ली कैपिटल्स के लिए इस सीजन में वह डेथ ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी कर सुर्खियों में आए थे. उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ एक मैच के आखिरी ओवर में 13 रन डिफेंड किए थे. इस सीजन में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि टूर्नामेंट खत्म होते ही उन्हें भारतीय टीम से बुलावा आ गया.
काम की तलाश में गए थे कोलकाता
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यू ट्यूब चैनल पर उनकी क्रिकेट जर्नी के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ‘उसकी कहानी बहुत दिलचस्प है. एक बहुत ही अच्छे व्यवहार वाला लड़का, जब गांगुली ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की कमान संभाली, तो उन्होंने एक टैलेंट हंट आयोजित किया था. उन्होंने उस टैलेंट हंट कार्यक्रम के लिए वकार यूनिस, वीवीएस लक्ष्मण और मुथैया मुरलीधरन को बुलाया था. काम की तलाश में कोलकाता गए मुकेश कुमार जादवपुर विश्वविद्यालय में उस टैलेंट हंट में शामिल हो गए.’
नाम बोला गया तो नहीं थे मौजूद
अश्विन ने आगे बताया, ‘जब टैलेंट हंट में उनका नाम अनाउंस किया गया, तो वह वहां मौजूद नहीं था. उन्हें गेंदबाजी करने जाना था, लेकिन वो उस वक्त टॉयलेट गया हुआ था! जरा सोचिए, आप वकार यूनिस के सामने गेंदबाजी करने जा रहे हैं और आप टॉयलेट में थे. उन्होंने मुकेश का नाम लिया था, लेकिन वह वहां नहीं था! वह लौटा, 30 मिनट तक इंतजार किया और बताया कि उनका नाम नहीं लिया गया है.’
वकार यूनिस ने चमका की किस्मत
मुकेश कुमार की किस्मत तब वकार यूनिस वहां से जाने ही वाले थे, लेकिन मुकेश से कुछ गेंदें फेंकने को कहा. अश्विन ने बताया, ‘वकार यूनिस(जो जाने ही वाले थे) ने उनसे कुछ गेंदें फेंकने के लिए कहा. उन दो गेंदों ने उनकी जिंदगी बदल दी और अब वह भारत के लिए गेंदबाजी कर रहे हैं.’ अगर उस दिन वकार उन्हें गेंदें फेंकने को ना कहते तो शायद ही आज मुकेश इस मुकाम तक पहुंच पाते. अश्विन ने आगे बताया, ‘वकार ने कहा कि यह लड़का प्रतिभाशाली है और बहुत आगे तक जाएगा. इसके बाद उन्हें रणजी ट्रॉफी खेलने भेजा गया, जहां डब्लू वी रमन कोच थे, जिन्होंने मुकेश को प्रोत्साहित किया.’
ऐसा हैं आंकड़े
मुकेश कुमार ने फर्स्ट क्लास करियर में 40 मैच खेले हैं जिसकी 72 पारियों में 151 विकेट लेने में कामयाब रहे. इस दौरान उनका पारी के बेस्ट 40 रन देकर 6 विकेट रहा. वहीं, मैच का बेस्ट 84 रन देकर 8 विकेट रहा. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 27 मैच खेले और 30 विकेट लेने में कामयाब रहे. भारत के लिए अभी वह ज्यादा मुकाबले नहीं खेले हैं. उनके नाम तीनों फॉर्मेट में 10 विकेट हैं.
Nobel Committee condemns Iran’s brutal abuse of Narges Mohammadi
NEWYou can now listen to Fox News articles! The Norwegian Nobel Committee is calling on Iran to stop…

