Uttar Pradesh

डेंगू की चपेट में आए मरीज बन रहे हैं डायबिटीज के शिकार, एक्सपर्ट से जानिए इसका कारण



रजत भटृ/गोरखपुर: डेंगू एक जानलेवा बीमारी है, जो मच्‍छरों के काटने से फैलता है. डेंगू के बढ़ते प्रकोप से लोग हर तरह से सावधानी बरत रहे हैं. एक्सपर्ट की सलाह ले रहे हैं तो कुछ लोग अस्पताल में पहुंचकर इलाज करा रहे हैं. जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भी डेंगू के मरीज आ रहे, जिनका इलाज चल रहा है. कुछ मरीजों को एडमिट किया जा रहा है तो कुछ को घर पर ही दवा लेकर आराम करने के लिए कहा जा रहा है.

वहीं डेंगू से ठीक होने पर भी मरीजों को कई सावधानियां का ध्‍यान रखना चाहिए. क्‍योंकि रिकवर होने के बाद भी शरीर में कमजोरी जैसी समस्‍या दूसरे बीमारियों को दावत दे सकती है. डेंगू के मरीजों में अक्सर प्लेटलेट कम होने की वजह से उन्हें एडमिट करना पड़ता है और उनकी देखरेख डॉक्टर की निगरानी में होती है. जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भी ऐसे कई मारीज आए. वहीं, अब जल्द ही डॉक्टर के अनुसार एक मामला सामने आया है जिसमें डेंगू के मरीज डायबिटीज के शिकार हो जा रहे हैं और वह कमजोर पड़ जा रहे हैं.

डेंगू के बाद डायबिटीज के शिकार हो रहे मरीज

फिजिशियन डॉक्टर संजीव गुप्ता बताते हैं कि, डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो वायरस के वजह से फैलती है. फिर वायरस की चपेट में आने वाले लोग इसका शिकार हो जाते हैं वहीं, वायरस के समय संक्रमण में आने वाले मरीज के पैक्रियाज पर असर पड़ता है और वहां सूजन हो जाता है. जिससे शुगर लेवल अप डाउन करने लगता है वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर बीके सुमन ने बताया, जिला अस्पताल में आने वाले डेंगू के कई मरीजों में भी डायबिटीज की पुष्टि हो रही है. कई ऐसे मरीज है जिनमें डायबिटीज की पहली बार पुष्टि हुई है इसलिए डेंगू के मरीजों की भी डायबिटीज की जांच कराई जा रही है.

इन बातों का रखें ध्‍यान

डॉ संजीव गुप्ता बताते हैं कि, डेंगू के मरीजों में पैक्रियाज पर भी असर पड़ता है. मानव शरीर के अंदर पैक्रियाज शुगर लेवल को मेंटेन करता है इसमें एक सेल भी पाया जाता है. जो शरीर के ग्लूकोज को एनर्जी में कन्वर्ट करता है डेंगू संक्रमण में इस पर सूजन पड़ता है और बीटा सेल कमजोर हो जाता है. यह बीमारी अस्थाई होता है वही, संक्रमण खत्म होने के कुछ महीनो बाद कई मरीजों में सूजन भी खत्म हो जाता है और डायबिटीज ठीक हो जाता है. हालांकि कुछ ऐसे भी मरीज होते हैं जो इस कंडीशन में कमजोर हो जाते हैं और खासकर के उनकी हड्डियों पर इसका असर दिखता है.
.Tags: Health News, Hindi news, Local18, UP newsFIRST PUBLISHED : November 17, 2023, 07:50 IST



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