Uttar Pradesh

45 रुपये में पैसा वसूल…इस दुकान की चाट का हर कोई दीवाना, 80 साल से कायम है बादशाहत



निखिल त्यागी/सहारनपुर.चाट का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. वैसे तो जिले में कई चीजे हैं, जो खाने पीने के लिए काफी मशहूर हैं. लेकिन शुभ लक्ष्मी चाट भंडार के व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए ग्राहकों की लाइन लगी रहती है. सहारनपुर के क़स्बा कैलाशपुर मे स्थित इस दुकान की चाट का स्वाद लेने के लिए सहारनपुर ही नहीं अन्य राज्यों के लोग भी आते हैं. स्वादिष्ट छोले समोसे से लेकर मिठाई तक इस दुकान की प्रसिद्ध है. दुकान स्वामी ने ग्रहकों पर अपनी छाप छोड़ने के लिए चाट की गुणवत्ता का खास ख्याल रखा है. दुकान स्वामी ने बताया कि तीन पीढयों से हमारी दुकान ग्रहकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.शुभ लक्ष्मी चाट भंडार के स्वामी पंकज नामदेव ने बताया कि हमारी दुकान पर मिलने वाला हर व्यंजन स्वादिष्ट होता है. उन्होंने बताया कि हम 3 पीढ़ीयों से यह काम कर रहे हैं. लगभग 8 दशकों से लगातार शुभ लक्ष्मी चाट पर भंडार पर ग्राहकों की लाइन लगी रहती है. उन्होंने बताया हमारी दुकान पर 1 प्लेट चाट का दाम सिर्फ 45 रूपये तय किया गया है. पंकज नामदेव ने बताया कि लक्ष्मी चाट भंडार के नाम से जानी जाने वाली हमारी दुकान पर मिठाई के भी विभिन्न व्यंजन मिलते हैं.घर पर तैयार करते हैं चाट के सामानपंकज नामदेव ने बताया कि हमारी दुकान पर मिलने वाली चाट में इस्तेमाल होने वाला सभी मसाला हम घर पर ही तैयार करते हैं. उन्होंने बताया कि विशेष रूप से हमने इस काम के लिए कारीगर रखे हुए हैं. जो की दुकान पर ही चाट, टिक्की, पापड़ी, छोला समोसा आदि गुणवत्ता पूर्वक बनाते हैं.अन्य प्रदेशों से आने वालेलोग भी चाट भंडार पर आते हैंशुभ लक्ष्मी चाट भंडार के स्वामी पंकज नामदेव ने बताया कि हमारी दुकान पर स्थानीय स्तर के ग्रहकों के अलावा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व उत्तराखंड आदि राज्यों से आने वाले लोग भी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए आते रहते हैं. उन्होंने बताया कि सहारनपुर में लोकल ग्राहक के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से भी काफी संख्या में ग्राहक खाने का सामान खरीद कर ले जाते हैं. उन्होंने बताया कि तीन पीढ़ियों की यह पहचान आज भी हमारे परिवार के लिए आजीविका का साधन बनी हुई है.उन्होंने बताया कि सुबह के समय दुकान पर मिलने वाला छोला समोसा ग्राहकों को बेहद पसंद आता है..FIRST PUBLISHED : November 5, 2023, 07:28 IST



Source link

You Missed

Contract Teachers Seek Minimum Wages, Regularisation
Top StoriesMar 27, 2026

अनुबंध शिक्षकों ने न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण की मांग की

हैदराबाद: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवाई), अर्बन रेजिडेंशियल स्कूल (यूरीएस) और समग्र शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों…

Scroll to Top