कमलेश कुमार प्रजापति बताते हैं की मिट्टी के उत्पाद बनाना काफी मेहनत का काम है. इसका बाजार पहले की तरह डिमांड तो नहीं रहती है. मगर त्योहार पर इसकी मांग जरूर बढ़ जाती है. मिट्टी खरीद कर लानी पड़ती है. फिर बारीकी से साफ कर गोदा जाता है
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महिला को अछूत समझा नहीं जा सकता: सीजे नागरथना
नई दिल्ली: एक महिला को चार दिनों में से केवल तीन दिनों के लिए “अछूत” माना जा सकता…

