Success Story : सिविल सर्विसेज का क्रेज किसी से छिपा नहीं है. लोग इसके लिए लाखों की सैलरी वाली जॉब छोड़ने को तैयार रहते हैं. कई लोग बीच सफर में ही हार मान लेते हैं. कुछ ही लोग फाइनल सेलेक्शन तक पहुंचते हैं. ओडिशा के एक छोटे शहर में पली-बढ़ी और लंदन से पढ़ाई करने वाली प्रणिता दाश की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने आईएएस बनने के लिए विदेश में शानदार नौकरी के अवसर छोड़ दिए. आइए जानते हैं 2023 बैच की आईएएस प्रणिता दास की सक्सेस स्टोरी.
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कन्नूर, पार्टी का मजबूत गढ़, एक बड़ी विफलता का सामना कर रहा है
थिरुवनंतपुरम: विधानसभा चुनाव से पहले सीपीएम पार्टी छोड़ने वाले कई प्रमुख नेताओं को अब अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में…

