Bobby Charlton: तारीख थी 6 फरवरी. साल 1958. मैनचस्टर यूनाइटेड की टीम यूरोपियन कप का मैच खेलकर वापस लौट रही थी. प्लेन में फ्यूल खत्म हो रहा था. चार्टर्ड प्लेन रिफ्यूलिंग के लिए म्यूनिख लैंड करता है और फिर इसके बाद ऐसी दुर्घटना हुई जिसने 8 खिलाड़ियों की जान ले ली. इस खबर से खेल जगत में मातम पसर गया. फुटबॉल के साथ-साथ पूरी दुनिया को इस घटना ने झकझोर कर रख दिया. कहानी है उस ‘ब्लैक डे’ की जहां से बचकर दिग्गज फुटबॉलर चार्लटन ने इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनाया.
1,2, 3 और फिर…म्यूनिख में मौसम काफी खराब था. भारी बर्फबारी के बीच प्लेन लैंड तो कर गया लेकिन टेक ऑफ के दौरान हुआ हादसा सबको सकते में छोड़ गया. प्लेन में तकनीकी खामी और इंजन से अजीब आवाज आने के कारण पहला टेक ऑफ कैंसिल करना पड़ा. दूसरे प्रयास में भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ जिससे फिर प्लेन उड़ान नहीं भर सका. इसके बाद इंजन चेक करने के लिए सभी यात्रियों को उतारना पड़ा. कुछ देर में सबको वापस बैठने कि इजाजत मिली. अब तीसरी बार उड़ान भरने का प्रयास कर रहे प्लेन के पायलट फिर नाकाम रहे. लेकिन इस बार विमान रनवे से फिसल गया और रनवे के आखिर बने एक घर से जा टकराया. एक्सीडेंट इतना भयानक था कि मौके पर ही 20 यात्रियों की मौत हो गई.
8 फुटबॉलर्स की हुई मौत
इस भीषण विमान हादसे में कुल 23 लोगों को जान चली गई. जिनमें 8 मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉलर्स शामिल थे. मार्क जोन्स, डेविड पैग, टॉमी टेलर, ज्योफ बेंट, रोजर बर्न, एडी कोलमैन और लियाम व्हेलन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि डंकन एडवर्ड्स बच गए. लेकिन वह भी हॉस्पिटल में ज्यादा दिन जिंदगी और मौत की जंग नहीं लड़ सके और गंभीर चोटों के चलते उनका निधन हो गया. इस हादसे में 21 लोगों की जान बची, जिसमें बॉबी चार्लटन का नाम भी था. इस समय उनकी उम्र महज 21 वर्ष थी. इस दर्दनाक हादसे को भुलाते हुए चार्लटन ने मैदान पर वापसी की और 1966 में इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनाया.
1966 में वर्ल्ड चैंपियन बना इंग्लैंड
इस भयानक घटना को भुलाते हुए बॉबी चार्लटन ने मैदान पर जबरदस्त वापसी की. उन्होंने इंग्लैंड के लिए तीन वर्ल्ड कप खेले, जिनमें से 30 जुलाई 1966 को टीम ने इतिहास रचते हुए वेस्ट जर्मनी को 4-2 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया. मैच का समय खत्म होने के बाद स्कोर 2-2 की बराबरी का रहा, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट ने टीम के लिए 2 गोल दागे और अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए टीम को चैंपियन बनाया. भले ही चार्लटन ने 1 गोल किया, लेकिन इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई.
पूरे करियर में नहीं मिला ‘रेड कार्ड’ फुटबॉल के मैदान पर खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया जाता है, इसका मतलब विवाद से जुड़ा होता है. आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि बॉबी चार्लटन द्वारा खेले गए कुल 864 मैचों में से किसी में भी रेड कार्ड नहीं दिखाया गया. यह उनकी साफ-सुथरी छवि को दर्शाता है. उन्होंने 758 मैच मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेले, जिसमें 249 गोल दागने में कामयाब हुए. वहीं, इंग्लैंड के लिए खेलते हुए उन्होंने 106 मैचों में 49 गोल किए. 11 अक्टूबर 1937 को बॉबी चार्लटन का जन्म हुआ. महज 20 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए अपना करियर शुरू किया और बेहतरीन पारी खेली. 20 साल लंबे करियर में तीन लीग खिताब, यूरोपीय कप और 1 फीफा कप जीतने में कामयाब रहे.
मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ट्वीट कर दी जानकारी
फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ट्वीट करते हुए चार्लटन के निधन की जानकारी दी. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘सर बॉबी चार्लटन. 1937-2023. उनके लिए शब्द ही काफी हैं.’ बता दें कि 2020 में पता चला कि वह डिमेंशिया नामक जानलेवा बीमारी का शिकार हो गए हैं. इसके चलते ही उनके स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आती गई और उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड के मैचों में का हिस्सा लेना भी बंद कर दिया. 21 अक्टूबर 2023 को उनके निधन की दुखद खबर सामने आई.
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