Uttar Pradesh

राजू पाल ने चुनाव में अशरफ को हराया, इसलिए करवाई हत्या, उमेश पाल को इस वजह से मारा… चार्जशीट में अतीक अहमद का कबूलनामा



हाइलाइट्सअतीक अहमद ने उमेश पाल शूटआउट केस में पूरे परिवार के शामिल होने की बात भी कबूली थीपाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से थे माफिया अतीक अहमद के संबंध, ड्रोन से भेजे जाते थे हथियारप्रयागराज. बसपा विधायक राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह अधिवक्ता उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट को लेकर पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में बेहद अहम खुलासा हुआ है. चार्जशीट के मुताबिक पुलिस को दिए गये बयान में माफिया अतीक अहमद ने कई बड़े खुलासे किए थे. अतीक अहमद ने पुलिस को बयान दिया था कि उसके संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से हैं. पाकिस्तान से उसके गिरोह को हथियार मिलते हैं. इसके अलावा उमेश पाल शूटआउट केस में पूरे परिवार के शामिल होने की बात भी कबूली थी. हालांकि पुलिस द्वारा बयान दर्ज करने के बाद 15 अप्रैल को माफिया अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में काल्विन अस्पताल में हत्या कर दी गई थी. कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक अतीक ने पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी थी.

धूमनगंज थाना पुलिस ने स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट कोर्ट में 26 मई को उमेशपाल शूट आउट केस में सदाकत खान के खिलाफ 1857 पेज की पहली चार्जशीट दाखिल की थी. जिसके बाद 17 जून को दूसरी चार्जशीट अतीक अहमद के नौकर राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला, ड्राइवर कैश अहमद, मोहम्मद अरशद कटरा, नियाज़ अहमद, इकबाल अहमद और शारुक उर्फ शहरुक,अतीक अहमद के बहनोई डॉ अखलाक अहमद और अतीक के वकील खान सौलत हनीफ के खिलाफ भी दाखिल की गई थी. यह चार्जशीट एसीपी धूमनगंज ने स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में दाखिल की थी. एसीपी की ओर से दाखिल की गई दूसरी चार्जशीट में संलग्नकों के साथ कुल 1979 पेज थे. दोनों चार्जशीट में कुल नौ लोगों को आरोपित किया गया है, जिसमें सभी नौ आरोपी जेल में ज्यूडीशियल कस्टडी में बंद हैं. इस चार्जशीट को बेहद गोपनीय रखा गया था. लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के चार माह बार इसके कुछ पेज वायरल हुए हैं. जिससे उमेशपाल शूट आउट को लेकर माफिया अतीक अहमद का कबूलनामा भी सामने आ गया है.

भाई अशरफ की हार बर्दाश्त नहीं हुई तो राजू पाल को मार दियाचार्ज शीट के मुताबिक अतीक अहमद ने पुलिस को बताया था कि प्रयागराज वा कौशांबी जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्र में विवादित जमीन को खरीदना व उसको खाली कराना और उसको महंगे दामों बेचना ही उसका मुख्य पेशा था. इस कारोबार में दबदबे की जरूरत होती थी, जिसके लिए 100 से 200 लोगों की जरूरत थी जो एक इशारे पर अतीक के लिए किसी की भी जान ले सकते थे. अतीक ने अपने बयान में एक कहानी भी सुनाई थी. कहा था, चांद मियां नाम के गुंडे ने मुझे दबाने का प्रयास किया, लेकिन मैं बिल्कुल नहीं दबा और अपने उसूल के मुताबिक अपने रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या भी कर दी. उसने कहा कि 2004 में मेरे भाई अशरफ के खिलाफ बीएसपी के राजू पाल ने चुनाव लड़ा और जीत गया. यह हार बर्दाश्त नहीं हुई, जिसके कारण राजू पाल की दिन दहाड़े सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर गोलियों से छलनी कर दिया. राजू पाल हत्याकांड का चश्मदीद गवाह था उमेश पाल, जिसको कई बार समझाया गया कि रास्ते से हट जाए, लेकिन वह मेरी बात नहीं माना और अंत में उमेश पाल को भी अपने रास्ते से हटाना पड़ा.

असद को अशरफ ने किया था ट्रेंडअतीक ने बेटे असद को लेकर खुलासा किया है कि असद को अशरफ ने अपने शागिर्दी में ले लिया और इतना साहसिक बना दिया कि वह कत्ल जैसी घटना को आसानी से अंजाम दे सकता था. अशरफ कहता था कि हम लोगों के बाद गैंग की कमान असद संभालेगा. उमेश पाल अपहरण केस में उस्सने मेरे और मेरे भाई के खिलाफ गवाही दे दिया, जिसको लेकर मेरे भाई अशरफ, मेरी पत्नी शाइस्ता, अशरफ की पत्नी जैनब, मेरी बहन आयशा नूरी बहनोई एखलाक और मेरे बच्चों ने कहा अगर उमेश पाल का कोई ठोस इंतजाम नहीं होगा तो हम लोगों को बर्बाद कर देगा.

उमेश पाल हत्याकांड में पूरा परिवार था शामिलअतीक अहमद ने यह भी बताया था कि उमेश पाल हत्याकांड के लिए सभी का कोड वर्ड में नाम रखा गया था. मेरा बड़े, अशरफ का छोटे, गुलाम का गुल्लू, असद का ठाकुर व एहजाम का मोटू. उमेश पाल की हत्या के लिए यह तय किया गया था कि मेरा बेटा असद, शूटर गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, अरमान, अरबाज, विजय चौधरी और साबिर के साथ रहेगा. लेकिन प्लान के मुताबिक उमेश पाल की हत्या में मेरे बेटे असद को सामने आकर गोली नहीं मारनी थी. यह तय हुआ था कि अगर शूटरों ने काम पक्का नहीं किया तब मेरा बेटा असद आगे बढ़कर काम को पक्का करेगा. प्लान था कि उमेश पाल किसी भी हाल में बचना नहीं चाहिए और और पुलिस वाले भी बचने नहीं चाहिए.

अगर मालूम होता कि पुलिस ऐसे लेगी एक्शन तो उमेश पाल की हत्या से पहले 100 बार सोचताअतीक अहमद ने अपने बयान में कबूल किया था कि उमेश पाल की हत्या के बाद हम लोगों की हालत बद से बदतर हो गई क्योंकि पुलिस ने सारी साजिश का पर्दाफाश कर दिया था. अगर मालूम होता पुलिस इतनी सरगर्मी से कार्रवाई करेगी तो तो 100 बार सोचता उमेश पाल के कत्ल की तैयारी करने से पहले. कहा मैने और मेरे भाई अशरफ ने जेल में रहकर साजिश तैयार की और इस घटना को अंजाम दिलाया. हमारी बीवी बच्चे ने तो हमारे कहने पर अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों की हत्या की थी. अतीक अहमद ने कहा था कि असली गुनहगार हम दोनों भाई हैं.

सभी अपराध में हम दोनों भाई शामिलविवेचक को दिए बयान में अतीक अहमद ने कहा था कि आप का कहना तो बेटा मानेगा ही, इसी वजह से मैं सारी घटना का खुलासा कर रहा हूं. जिससे हम दोनों भाइयों को जो सजा मिलनी हो मिले, लेकिन अन्य के साथ नरमी की गुंजाइश हो. उमेश पाल हत्या के पहले मैंने व अशरफ ने व्हाट्सएप के जरिए गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, सदाकत, अरमान, अरबाज, विजय चौधरी साबिर, अरशद कटरा, वकील खान सौलत हनीफ, वकील विजय मिश्रा, बहनोई एखलाक, बहन आयशा नूरी, पत्नी शाइस्ता व लड़के एहजम, अशरफ की पत्नी जैनब, घर के ड्राइवर कैश, राकेश लाला, शाहरुख के साथ कई बार ऑनलाइन मीटिंग की थी और उमेश पाल की हत्या में किसका क्या रोल होगा इसको बताया गया था. उमेश पाल हत्याकांड में कई बार वकील खान सौलत हनीफ का बेटा आमिर भी रहता था. मेरे लड़के उमर व अली के जेल जाने के बाद हम लोगों के रुपए के पैसे का हिसाब किताब हमारा करीबी नफीस बिरयानी, खालिद जफर, मोहम्मद मुस्लिम, सलीम अहमद और मेरे भाई अशरफ के चचेरे साले जैद मास्टर व सिबली व मेरा भांजा जका देखते थे.

पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी से मिलता था हथियारजब पुलिस अधिकारी ने अतीक से पूछा था कि तुम लोग हथियार कहां से लाते हो, तब अतीक ने बताया कि मेरे पास हथियार की कोई कमी नहीं है, क्योंकि मेरे संबंध पाकिस्तान एजेंसी आईएसआई से है. पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते हैं. जिनको लोकल कनेक्शन इकट्ठा कर लेता है. उन्हें जम्मू कश्मीर के दशरथगढ़ से भी हथियार मिलते हैं. लोकल लोग ये हथियार हमारे लोगों को मुहैया कराते थे. यहीं के हथियार खालिस्तान में आंदोलन चलाने वालों को भी भेजे जाते हैं. अतीक से पुलिस ने पूछा था कि कौन-कौन से हथियार तुम्हारे पास हैं. जिस पर अतीक ने बताया कि 45 बोर की पिस्तौल एक-47, स्टेन गन, 9mm की पिस्टल, 30 चीनी पिस्टल, दो नाली बंदूक 5 अदद, 315 बोर की राइफल 6 अदद, सैकड़ो की तादाद में तमंचे के साथ ही हैंड ग्रेनेड व पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कारतूस भी मेरे पास है.

चार्जशीट के कुछ पन्ने पहली बार सामने आएपुलिस चार्जशीट के कुछ पन्ने पहली बार सामने आए हैं. इस चार्जशीट में तमाम चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या 24 फरवरी को हुई थी. इस शूटआउट में माफिया अतीक अहमद और उसके पूरे परिवार का रोल सामने आया था. इसी मामले में रिमांड पर लिए जाने के दौरान माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

.Tags: Allahabad news, Atiq AhmedFIRST PUBLISHED : October 5, 2023, 07:56 IST



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