सनंदन उपाध्याय/बलिया: बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र अंतर्गत लखनेश्वर डीह में स्थित विष्णु प्रतिमा की कहानी बड़ा रोचक और रहस्यमयी है. बताया जाता है कि इस प्रतिमा का निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने अपने हाथों किया था. यह केवल धार्मिक स्थल ही नहीं है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी है. आज भी इस डीह की खुदाई के दौरान छोटे-बड़े शिवलिंग और विष्णु की मूर्तियां मिलती रहती हैं, जो इसके ऐतिहासिक व धार्मिक पहलुओं को मजबूत करती हैं.मंदिर के पुजारी दीनदयाल दास ने कहा कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना हैं. इधर से ही भगवान राम लक्ष्मण ताड़का का वध करने बक्सर गए थे. इस किले पर भगवान विश्राम किए लक्ष्मण के कहने पर राम ने विश्वकर्मा से कहकर विष्णु प्रतिमा का स्थापना कराए थे. इस किले पर आज भी खुदाई के दौरान एक से एक ऐतिहासिकता के उदाहरण के तौर पर तथ्य मिलते रहते हैं.इस मंदिर की रोचक कहानीइतिहास के जानकर जगन्नाथ पाण्डेय बताते हैं कि त्रेतायुग की बात है राम लक्ष्मण इधर से ही होकर बक्सर गए थे. यहीं श्री राम ने विश्राम भी किया था. अनुज के कहने पर श्री राम ने विश्वकर्मा से कहकर विष्णु की प्रतिमा स्थापित किए. यह प्रतिमा हर जगह से अलग हैं. काले पत्थर से विष्णु प्रतिमा निर्माणित हैं. इसको भगवान विश्वकर्मा ने खुद अपने हाथों से बनाया हैं.यहां सभी की मन्नत होती है पूरीकालांतर में किन्हीं कारणोंवश प्रतिमा का अस्तित्व संकट में समझकर कर लोगों ने जमीन के अंदर खोदकर छिपा दिया. इस मंदिर के स्थान पर काफी दिन बीत जाने के बाद सिद्ध संत मौनी बाबा (हमेशा मौन रहने वाले) आए. और अपना स्थान स्थित एक पेड़ के नीचे बना लिए. धीरे-धीरे उन्होंने इशारे के दौरान खुदाई कराकर विष्णु की अनोखी प्रतिमा को बाहर निकलवाया, और आज यह मंदिर आस्था का इतना बड़ा केंद्र बन गया कि श्रद्धालुओं की मदद से मंदिर एक भव्य रूप में बदल गया. बहुत दूर-दूर से इस मंदिर पर लोग आते हैं. मान्यता है कि यहां आने से हर मुरादें पूरी होती है..FIRST PUBLISHED : August 28, 2023, 23:04 IST
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