Uttar Pradesh

CA और CS के छात्र-छात्राएं अब कर सकेंगे पीएचडी, सीएसजेएमयू में शुरू हुआ कोर्स, पढ़ें पूरी खबर



आयुष तिवारी/कानपुर. उत्तर प्रदेश में पहली बार CA (चार्टेड एकाउंटेंट) और CS (कंपनी सेक्रेटरी) के छात्र भी अब अपने नाम के आगे डॉक्टर लिख सकेंगे. छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) प्रदेश में पहली बार CA व CS को पीएचडी करने का मौका दे रहा है. सीएसजेएमयू की काम परिषद ने भी सीए और सीएस में पीएचडी कोर्स शुरू करने की अनुमति प्रदान की है. कार्य परिषद ने सीए व सीएस को पीएचडी के योग्य माना है और उसे परास्नातक का स्तर दिया है.

नई शिक्षा नीति के तहत जरूरी सभी बदलावों को सीएसजेएमयू प्रशासन तेजी से लागू कर रहा है. सीएसजेएमयू में पीएचडी भी कराई जा रही है. बता दें कि विश्वविद्यालय प्रशासन से सीए व सीएस में करियर बनाने वाले युवा अपनी प्रतिभा को और निखारने के लिए पीएचडी की मांग कर रहे थे. छात्रों की मांग को देखते हुए विवि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अगुवाई में सीए व सीएस छात्रों को पीएचडी करने का मौका देने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया. जिसे कार्य परिषद ने अनुमति प्रदान कर दी है. सीए व सीएस के प्रोफेशनल अभ्यर्थी वाणिज्य व व्यवसायिक प्रबंधन में पीएचडी कर सकेंगे.

2021 में यूजीसी ने दी थी मान्यता

पीएचडी के लिए संबंधित विषय में परास्नातक योग्यता अनिवार्य है. यूजीसी (द यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने वर्ष 2021 में सीए व सीएस को परास्नातक के समकक्ष डिग्री की मान्यता प्रदान की थी. जिसके बाद से सीए व सीएस के अभ्यर्थी यूजीसी नेट की परीक्षा में भी सम्मिलित हो सकते हैं. सीएसजेएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ विशाल शर्मा ने बताया कि सीए व सीएस को परास्नातक के समकक्ष मानकर पीएचडी में मौका प्रदान किया गया है. सीए व सीएस युवाओं को वाणिज्य व व्यावसायिक प्रबंधन में पीएचडी करने का मौका प्रदान किया जाएगा.
.Tags: Education news, Kanpur news, Local18, Uttar pradesh newsFIRST PUBLISHED : August 20, 2023, 17:59 IST



Source link

You Missed

I-T Wing Disposed of 2.22 L Appeals Last Financial Year, 29 pc More Compared To Previous Fiscal
Top StoriesApr 10, 2026

करेंट फाइनेंशियल ईयर में आयकर विंग ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक 2.22 लाख अपीलों का निपटारा किया

नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि आयकर विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में 2.22 लाख अपीलों…

Scroll to Top