Team India Cricketers: टीम इंडिया के 4 धाकड़ क्रिकेटर्स ऐसे हैं, जिनका अब भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में खेलना बहुत मुश्किल है. अब ये सभी 4 क्रिकेटर्स टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि लंबे समय से BCCI और सेलेक्टर्स इन्हें भारत की टेस्ट टीम में कोई भी मौका नहीं दे रहे. अब भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे इन 4 प्लेयर्स के लिए लगभग बंद हो गए हैं. टीम इंडिया के इन 4 क्रिकेटर्स का टेस्ट करियर अब लगभग खत्म नजर आ रहा है.
1. ईशांत शर्माटीम इंडिया के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा का भी टेस्ट करियर लगभग खत्म हो गया है. ईशांत शर्मा आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2021 में खेले गए कानपुर टेस्ट में नजर आए थे. उस मैच में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2021 में खेले गए कानपुर टेस्ट के बाद ईशांत शर्मा को फिर कभी टीम इंडिया में खेलने का मौका नहीं दिया गया है.टीम इंडिया में लगातार कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है. तेज गेंदबाजों में मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर और उमेश यादव भारतीय टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद हैं. ऐसे में टीम इंडिया से इशांत शर्मा का पत्ता कट गया है. ईशांत 100 से अधिक टेस्ट खेल चुके हैं, जिसमें 311 विकेट अपने नाम कर चुके हैं.
2. भुवनेश्वर कुमार
भुवनेश्वर कुमार ने साल 2012 में जब करियर की शुरुआत की थी, तब स्विंग उनकी ताकत थी और आज भी उनकी यही ताकत है, लेकिन हाल ही में उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा है. भुवनेश्वर टेस्ट क्रिकेट में अपनी स्विंग गेंदबाजी साबित भी कर चुके हैं, लेकिन बदकिस्मती से भुवी चोटों के चलते कई बार टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं. 2018 में लगी चोट के कारण भुवी टेस्ट क्रिकेट जैसे लम्बे फॉर्मेट से दूर होते चले गए और तब से एक भी टेस्ट में इन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. अब स्पष्ट है कि भुवी के लिए टेस्ट क्रिकेट समाप्त हो चुका है. भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए तीनों ही फॉर्मेट खेले हैं. भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट, 121 वनडे मैचों में 141 विकेट और 87 टी20 मैचों में 90 विकेट हासिल किए हैं, वह पिछले 5 साल से टीम इंडिया की टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं. टेस्ट मैचों के बाद अब वनडे और टी20 टीम से भी उनका पत्ता कट रहा है. भुवनेश्वर कुमार अब गति खो चुके हैं, शुरुआत में उसके पास सटीकता थी, जहां वह गेंद को स्विंग करके विकेट ले रहे थे, लेकिन अब आ रहे हैं और गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन शायद उन्हें उस सटीकता को खो दिया है.
3. ऋद्धिमान साहा
ऋद्धिमान साहा बहुत अच्छे विकेटकीपर हैं. हालांकि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया है. उन्होंने 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में अपना डेब्यू किया था. उसके बाद से अब तक वो सिर्फ 40 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं. 38 साल के ऋद्धिमान साहा को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने चयनकर्ताओं को कह दिया था कि साहा उनके भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं होंगे. ऋद्धिमान साहा को ऋषभ पंत के चोटिल होने के बावजूद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में नहीं चुना गया, जो ये साफ संकेत हैं कि अब इस विकेटकीपर का टेस्ट करियर खत्म हो गया है. अब यह खिलाड़ी दोबारा टेस्ट टीम में वापसी कर पाए इसकी उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी हैं. साहा के टेस्ट करियर को लेकर बात करें तो उन्होंने 40 टेस्ट में 29.41 की औसत के साथ 1353 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 6 अर्धशतक देखने को मिले हैं.
4. शिखर धवन
37 साल के शिखर धवन को टीम इंडिया का बड़ा मैच विनर माना जाता था, लेकिन रोहित शर्मा ही शिखर धवन के टेस्ट करियर के बीच सबसे बड़ी रुकावट बन गए. रोहित शर्मा ने अपने ही जिगरी दोस्त शिखर धवन का टेस्ट करियर खत्म कर दिया. सेलेक्टर्स शिखर धवन को लंबे समय से टेस्ट टीम में मौका ही नहीं दे रहे. रोहित शर्मा के टेस्ट कप्तान बनने के बाद उन्हें ओपनिंग पोजीशन से हटाना मुश्किल है. रोहित शर्मा के साथ अब टेस्ट टीम में बतौर ओपनर शुभमन गिल को मौका मिलता है. शिखर धवन के लिए अब टेस्ट टीम के दरवाजे बंद हो गए. सभी ने शिखर धवन से मुंह मोड़ लिया है. टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो धवन ने आखिरी बार साल 2018 में भारत के लिए लाल गेंद की क्रिकेट खेली थी. शिखर धवन के आंकड़ों को देखा जाए तो वह क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में अव्वल खिलाड़ी दिखाई देते हैं. टेस्ट क्रिकेट में भी शिखर ने 34 मैच में 40.61 की औसत से 2315 रन बनाए हैं, जिसमें इन्होंने 7 शानदार शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि चयनकर्ताओं ने धवन का सही आंकलन नहीं किया है. धवन ने टीम इंडिया के लिए 34 टेस्ट मैचों में 2315 रन, 167 वनडे मैचों में 6793 रन बनाए और 68 टी20 मैचों में 1759 रन बनाए हैं.
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