R Ashwin On Bazball Game: इंग्लैंड की टीम ने पिछले कुछ समय में टेस्ट क्रिकेट की परीक्षा बदली बदल दी है. टेस्ट क्रिकेट हमेशा ही धैर्य के साथ खेला जाता था. लेकिन इंग्लैंड अब टेस्ट क्रिकेट में ‘बैजबॉल गेम’ ले आया है. इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट में भी तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए हैं. जिसने हर किसी हो हैरान कर दिया है. ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या भारत में बैजबॉल को कामयाबी मिल सकती है? इसका जवाब दुनिया के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने दिया है.
आर अश्विन ने सबके सामने रखा कड़वा सच्च!आर अश्विन का मानना है कि भारत में बैजबॉल अपनाने में सबसे बड़ी बाधा फैंस और मैजनेजमेंट में धैर्य का अभाव है, जिसके चलते कई खिलाड़ियों पर गाज गिरने का खतरा मंडराता रहेगा. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘जल्द ही भारतीय टेस्ट टीम में बदलाव होंगे और उस फेज में चीजें इतनी आसान नहीं रहंगी. चलिए, मान लेते हैं कि भारतीय टीम बदलाव के दौर में बैजबॉल स्टाइल में खेलने लगी. एक खिलाड़ी हैरी ब्रूक की तरह हर गेंद पर बल्ला फेंक रहा है और आउट हो जाता है. हम दो टेस्ट मैच हार जाते हैं. हम क्या करेंगे? क्या हम बैजबॉल और प्लेयर्स को सपोर्ट करेंगे? हम अपनी प्लेइंग इलेवन से कम से कम चार खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा देंगे.’
अश्विन ने आगे कहा, ‘हम दूसरों के खेलने के स्टाइल को सिर्फ इसलिए कॉपी नहीं कर सकते क्योंकि यह उनके लिए कारगर साबित हो रहा है. यह इंग्लैंड के लिए काम करता है क्योंकि उनका मैनेजमेंट पूरी तरह से इस तरीके के समर्थन में खड़ा है. यहां तक कि उनके फैंस और टेस्ट मैच देखने वाले लोग भी इस स्टाइल का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते.’
कहां से आया बैजबॉल गेम का नाम
इंग्लिश टीम के कोच ब्रैंडम मैकुलम अपने समय में जब क्रिकेट खेलते थे तो वो अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते थे. तब उनका निकनेम ‘बैज’ था. बैज के साथ इंग्लैंड ने बॉल शब्द जोड़ते हुए बैजबॉल (Bazball) शब्द को इजाद किया. मतलब साफ है कि बैज का मतलब मैकुलम का निकनेम और बॉल का मतलब उनके खेलने के अंदाज से है.
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