Uttar Pradesh

Success Story: रामदेव के नक्शेकदम पर गाजियाबाद के ध्रुव, विदेशों में लहराया योग का परचम



विशाल झा /गाजियाबाद: सफलता की कोई उम्र नहीं होती है. 9वीं क्लास में पढ़ने वाले ध्रुव ने छोटी – सी उम्र में अपनी एक खास पहचान बना ली है. लोग ध्रुव को गाजियाबाद का रामदेव कहते हैं. जी, हां ऐसा इसलिए क्योंकि ये बच्चा ना केवल कठिन से कठिन आसनों को करता है, बल्कि दूसरों को योगा के बारे में जागरूक भी करते हैं.

News 18 Local से ध्रुव ने अपने योगा के सफर के बारे में बात की है. वह अपनी सफलता का पहला श्रेय अपनी नानी को देते हैं, क्योंकि बचपन में नानी के साथ वो पार्क जाया करते थे. जहां उन्हें योगा के बारे में पता लगा और फिर ध्रुव को योगा खुद अच्छा लगने लगा. इसके बाद प्रैक्टिस करते-करते ध्रुव योगा में माहिर हो गए. जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और देश – विदेश की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. कठिन आसनों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हैंड स्टैंड के आसान, चक्रसान उन्हें काफी अच्छे लगते है. योग के आइडल वो प्रधानमंत्री मोदी को मानते हैं, क्योंकि उन्होंने योगा के लिए कई कार्य किए है. जिसमें योगा को महत्व देना भी शामिल है.

गाजियाबाद के रामदेवध्रुव स्कूल में कई दोस्तों और शिक्षकों को भी योगा के बारे में जागरूक कर चुके हैं. ध्रुव बताते है कि मेरे स्कूल फ्रेंड और टीचर ने काफी सपोर्ट किया. इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चे भी अब योगा करने लगे हैं तो देखकर काफी खुशी होती है और ये काफी अच्छी शुरुआत है. योग करने और जागरूकता फैलाने के कारण कई लोग इन्हें गाजियाबाद का रामदेव भी बुलाने लगे हैं.

ध्रुव पर हमें गर्व हैध्रुव के माता विनीता शर्मा ने बताया कि गर्व होता है जब लोग कहते है कि ये ध्रुव की मदर है. मेरे बेटे ने कम उम्र में ही अपनी एक पहचान बना ली है. इस पर हमें गर्व कराती है. ध्रुव साउथ कोरिया, मलेशिया, श्री लंका आदि देश में अपना परचम लहरा चुके हैं.
.Tags: Ghaziabad News, Local18, Success StoryFIRST PUBLISHED : July 24, 2023, 11:22 IST



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