Worst monsoon foods: बारिश का मौसम हम सबके लिए एक खुशहाल अनुभव हो सकता है, जिसमें ठंडी हवा और भीगने का मजा होता है. हालांकि इस मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान देना भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. बारिश के मौसम में भोजन चुनने में सतर्कता बरतना जरूरी है, क्योंकि अनचाहे भोजन सेहत को खराब कर सकते हैं. इसलिए, हमें बारिश के खराब भोजनों से सतर्क रहना चाहिए और स्वस्थ भोजन का चयन करना चाहिए.
कई एक्सपर्ट बताते हैं कि बारिश के मौसम में डेयरी उत्पाद अधिक मात्रा में नहीं खाने चाहिए. इस समय पाचन तंत्र संवेदनशील होता है. अगर डेयरी उत्पादों का ज्यादा सेवन किया तो जोड़ों में दर्द, दस्त व पाचन की समस्याएं हो सकती हैं. नीचे बताए गए 3 फूड को खाने से पहले एक बार जरूर सोचें.पनीर: पनीर कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर हाई प्रोटीन खाद्य पदार्थ है. यह हड्डियों व दांतों को मजबूती देता है. आयुर्वेद के अनुसार, हड्डियों और जोड़ों को शरीर में वात का स्थान माना जाता है. मानसून में पनीर को तल कर या मसाले संग फ्राई करके नहीं खाना चाहिए. दिन या रात के भोजन में 4-5 पनीर के टुकड़े पर्याप्त हैं.
दही व दूध: दही की प्रकृति भारी होती है. मानसून में हर दिन दही न खाएं. इसे पचने में अधिक समय लगता है तो कम मात्रा में खाएं. दही कफ और पित्त बढ़ाती है. सूजन व दर्द रहता है तो रात में दही न खाएं. ताजे दही में भुना जीरा, काली मिर्च और काला नमक मिला कर खाएं. दूध पीना सुरक्षित है, बेहतर है थोड़ी मात्रा में हल्दी मिलाकर पिएं.
घी: घी में पाचन सुधारने की क्षमता होती है. इसके चिकनाई वाले गुण पाचन तंत्र शांत करते हैं। सूजन कम करते हैं. घी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखता है. आयुर्वेद में पित्त को प्राथमिक दोष माना जाता है. मानसून में घी के साथ लहसुन का सेवन करें. आंवला पाउडर, किशमिश को घी में मिलाकर सेवन करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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