ऋषभ चौरसिया/ लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है. इस शहर की सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है इमाम बाड़ा जिसे नवाब असफ़-उद-दौला ने 1784 में निर्माण करवाया था. इसकी विशालता और भव्यता आपको आश्चर्यचकित कर देगी. इमामबाड़ा की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें एक भूलभुलैया है. यहां कई गलियां और रास्ते हैं. जिनमें से कुछ शहर के अन्य हिस्सों से जुड़ते हैं और कुछ दूसरे शहरों से जुडते है. यहां से शहर का शानदार नजारा देखा जा सकता है.फरहाना मलकी अवध के तीसरे बादशाह मोहम्मद अली शाह बहादुर की सातवीं वंशज ने इमामबाड़े के बारे में रोचक इतिहास बताया, उन्होंने कि इसे भुलभुलैया इसलिए कहते हैं, क्योंकि अंदर जाने के लिए 1000 से ज्यादा रास्ता है.लेकिन बाहर निकलने के लिए सिर्फ 2 रास्ता है. मान्यता है कि भूलभुलैया भूमिगत सुरंगों का ऐसा जाल है. जो इमामबाड़े को दिल्ली, कोलकाता और फैजाबाद से जोड़ता है.दुश्मनों से बचने के लिए नवाबों ने बनवाया था सुंरगहालांकिअब लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर इन्हें बंद कर दिया गया है. इन सुरंगों का इस्तेमाल नवाबों द्वारा अपने दुश्मनों से बचने के लिए किया जाता था और उस जमाने में जब अंग्रेज परेशान करते थे. तो नवाब अपने खास लोगो साथ सुरंग द्वारा निकल जाते थे. कहा ये भी जाता है की कुछ लोग खुद को रस्सी से बांधकर सुरंग में घुसे थे. लेकिन उसके बावजूद वो भूलभुलैया से सही सलामत नहीं निकाल पाए थे..FIRST PUBLISHED : July 11, 2023, 16:35 IST
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