Uttar Pradesh

Bharat Gaurav Train : झांसी पहुंची भारत गौरव एक्सप्रेस, 10 दिनों में कई तीर्थ स्थलों के होंगे दर्शन



शाश्वत सिंह/झांसी. भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से चलाई गई ट्रेन भारत गौरव एक्सप्रेस झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंची. यहां रेलवे के अधिकारी द्वारा ट्रेन का स्वागत किया गया. गोरखपुर से चली भारत गौरव एक्सप्रेस श्रद्धालुओं को भारत के सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करवाएगी. झांसी से ट्रेन में 46 यात्री सवार हुए. 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को सारी सुविधाएं रेलवे द्वारा ही दी जायेंगी. ट्रेन में आधुनिक पैंट्री कार लगाई गई है जहां यात्रियों के लिए शुद्ध सात्विक भोजन तैयार किया जा रहा है. अलग-अलग राज्यों से गुजरने वाली ट्रेन में लोगों को स्थानीय भोजन का स्वाद चखने को मिलेगा.ट्रेन में सफर करने वाली एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि यह ट्रेन हम लोगों को 7 ज्योतिर्लिंग और द्वारकाधीश के दर्शन कराएगी. इस ट्रेन में सुविधा के साथ सुरक्षा भी दी जा रही है. जहां ट्रेन रुक रही है वहां होटल में ठहरने का, खाने का और सुरक्षा का इंतजाम किया जा रहा है. ट्रेन में लखनऊ से चढ़े एक श्रद्धालु ने बताया कि यह ट्रेन सभी सुविधाओं से लैस है. ट्रेन में साफ-सफाई है और स्टाफ का व्यवहार बहुत अच्छा है. सबसे पहले यह ट्रेन उज्जैन पहुंचेगी जहां श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन करंगे . इसके बाद आगे की यात्रा जारी रहेगी.शिव भक्तों के लिए स्पेसल है ट्रेन झांसी मंडल के रेल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि भारत गौरव ट्रेन का झांसी मंडल में उरई, ललितपुर और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर ठहराव दिया गया है. इस ट्रेन से श्रद्धालुओं को 7 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाए जाएंगे. इस ट्रेन की मदद से भगवान शिव के उपासक एक ही यात्रा में 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर पाएंगे. ट्रेन में खाने-पीने की विशेष सुविधा की गई है. ट्रेन को बाहर से भी इस तरह सजाया गया है जिससे लोगों की भगवान शिव के प्रति और आस्था बढ़े..FIRST PUBLISHED : June 22, 2023, 22:22 IST



Source link

You Missed

Iran Fortifies Kharg Island Amid Reports of Possible US Move
Top StoriesMar 26, 2026

इरान ने खार्ग द्वीप को मजबूत करने का फैसला किया है, अमेरिकी कार्रवाई की संभावना के बारे में रिपोर्टें आने के बाद

तेहरान: अमेरिकी मीडिया के एक दिन बाद की रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन द्वारा पारसी खाड़ी में अपनी जमीनी…

Scroll to Top