प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झांसी आने के कार्यक्रम ने पहली बार महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव को राष्ट्रीय पर्व जैसा स्वरूप प्रदान किया है. इसे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व जलसा का नाम दिया गया है. जिस तरह महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने राज्य की रक्षा के लिए सबकुछ दांव पर लगाकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था, उसका उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुंदेली वीर धरा से राष्ट्र को लेकर कोई बड़ा संदेश दे सकते हैं. प्रधानमंत्री यहां से बुंदेलखंड को 3425 करोड़ की योजनाओं की सौगात देंगे.
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New Delhi: “All We Imagine As Light” director Payal Kapadia will be the president of the jury for…

