Uttar Pradesh

नाइजीरिया में मौत से सामना! 10 महीने बाद लौटा कानपुर का लाल, कहा- मोदी है तो मुमकिन है



 अखंड प्रताप सिंह/कानपुर. कानपुर का रोशन मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था. वह अपनी शिपमेंट के साथ नाइजीरिया गया था. जहां पर उसकी शिप को बंदी बना लिया गया. करीब 10 महीने बाद अब नाइजीरिया से 16 भारतीय क्रू मेंबर से रिहा हुए हैं. जिसमें कानपुर का रोशन भी शामिल है. जब वह अपने घर पहुंचा तो घर में परिजन उसको देखकर भावुक हो गए सभी ने उसे गले लगा लिया. घर ही नहीं बल्कि पूरे मोहल्ले में जश्न जैसा माहौल दिखाई दिया. इस दौरान रोशन ने कहा कि भारतीय सरकार के द्वारा काफी मशक्कत की गई जिसके बाद वह सब घर लौट सके हैं.कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर एक परिवार द्वारा अपने भाई के पक्ष में अपील की गई थी कि सरकार उनकी गुहार सुने और उनके भाई को नजरिया से वापस लाया जाए. परिजनों ने वीडियो के माध्यम से बताया था कि उनका बेटा मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था. काम के सिलसिले में वह लोग नाइजीरिया गए थे. जहां पर उन्हें बंदी बना लिया गया है. बेटे से जब बात हुई थी तो उन्होंने बताया था कि उन्हें बंदी बना लिया गया है. वहां काफी समस्याएं आ रही है. उनके फोन वगैरह छीन लिए गए हैं. जिसके बाद परिजन परेशान हो गए थे और सरकार से गुहार लगा रहे थे कि उनके बेटे को वापस लाया जाए.कहा- ‘मोदी है तो मुमकिन है’10 महीने तक चली कवायद के बाद सभी फंसे भारतीय भारत आ गए हैं जिसमें रोशन भी शामिल हैं. गोविंद नगर थाना क्षेत्र के लेबर कॉलोनी में रहने वाले मनोज अरोड़ा का बेटा रोशन मर्चेंट नेवी में असिस्टेंट ऑफिसर है. रोशन अरोड़ा ने बताया कि बीते 10 महीने मेरी जिंदगी के सबसे खराब दिन थे. एक-एक दिन घुट-घुट कर जिए रहे थे. हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जा रहा था. हमको डरा कर रखा जा रहा था फिर धीरे-धीरे हमें मदद मिलनी शुरू हुई. हमारे ऊपर लगाए गए सारे आरोप हटाए गए और हमें वापस हमारे देश लाया गया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं तो यह मुमकिन है कि वे लोग भारत आ सके हैं अपने के बीच में आकर वह बेहद खुश हैं..FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 11:58 IST



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