शाश्वत सिंह/झांसी. झांसी में एक बार फिर इतिहास दोहराया जाएगा. हजारों साल पहले झांसी की प्यास बुझाने वाले तालाबों को दोबारा पुर्नजीवित किया जा रहा है. झांसी में बने चंदेलकालीन तालाबों को दोबारा पुनर्जीवित किया जा रहा है. 1 हजार साल पहले बने यह तालाब आज भी इस स्थिति में हैं की झांसी के लोगों की प्यास बुझा सकें. इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारी भी शुरु कर दी गई है. तीन तालाबों को चिन्हित करके काम शुरु किया जा रहा है.झांसी में जब चंदेलों का राज हुआ करता था तो पानी की समस्या को दूर करने के लिए कई तालाब बनाए गए थे. समय बीतने के साथ इन तालाबों का रखरखाव नहीं हो पाया और इस वजह से वह सूखने लगे. लेकिन, अब इनमें से तीन तालाबों को पुनर्जीवित करने का काम शुरु किया जा रहा है. गुरसराय विकास खंड के हेवतपुरा, बामौर के अस्ता और बबीना के पुनावलिकला में स्थित तालाबों को दुरुस्त किया जायेगा. हर तालाब 50 एकड़ का है. फिलहाल इन तालाबों के अधिकतर हिस्सों में जलकुंभी लगी हुई है. इन तालाबों को साफ करने का काम शुरु किया जायेगा.पानी की किल्लत दूर करेंगे तालाबजिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इन तालाबों के जरिए ही आसपास के क्षेत्रों में पानी की किल्लत को दूर किया जाएगा. इसके साथ ही भूगर्भ जलस्तर बढ़ने में भी मदद मिलेगी. भविष्य में अन्य तालाबों को भी ऐसे ही दुरुस्त किया जाएगा और झांसी की पानी की समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा..FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 23:11 IST
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