सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. पूरे देश में आज न्याय के देवता शनिदेव का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के मुताबिक साल के ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनिदेव का जन्म उत्सव मनाया जाता है. आज 19 मई है आज के दिन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक शनिदेव का जन्म हुआ था. इस दिन शुभ फल पाने के लिए सूर्यपुत्र शनिदेव की विशेष पूजा आराधना की जाती है. शनि जयंती को लेकर भी धार्मिक मान्यता है कि कुछ खास चीजें अगर शनिदेव को अर्पित किया जाए तो जीवन में आई सभी परेशानियां दूर हो जाती है. साधक मानसिक तथा आर्थिक रूप से मजबूत होता है. तो आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे आज के दिन शनि देव को कौन सी ऐसी पांच चीजें चढ़ाने चाहिए जिससे शनिदेव प्रसन्न होंगे.ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए बहुत सरल उपाय है. कहा जाता है जब शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो तिलक पहले और राजा बाद में बनाते हैं. लेकिन जब रूठते हैं तो राजा को भी पंत बना देते इस वजह से अगर आप शनि जयंती के दिन कुछ विशेष उपाय करते हैं तो. शनिदेव की कृपा हमेशा प्राप्त होगी.आज के दिन जरूर शनिदेव पर अर्पित करें यह पांच चीजेंशमी का पत्ता: ज्योतिष शास्त्र में शमी के पौधे को शनिदेव का पौधा भी माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक शमी के पत्ते से भगवान शिव भी जल्द प्रसन्न होते हैं. इसके फल जड़ और पत्ते को चढ़ाने से शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम होता है. इतना ही नहीं अगर आप आज के दिन शमी का पत्ता चढ़ाते हैं तो आर्थिक तंगी से छुटकारा भी मिलेगा.काला तिल और काला उड़द: कहां जाता है काले चीजों से शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं. तो वही काले तिल का कारक शनि ग्रह होता है. कहां जाता है सनी से राहत पाने के लिए शनि जयंती के दिन काले तिल और काले उड़द को चढ़ाना चाहिए और फिर उसे दान देना चाहिए इससे राहु केतु समेत सभी ग्रह दोष शांत होते हैं.नारियल: शनि जयंती के दिन अगर आप जटा वाला नारियल थोड़ा सा तेल थोड़ा सा उड़ा दो और एक काटी कपड़े में लपेट ते हैं और शनि मंदिर में शनि चालीसा का पाठ करते हुए अर्पित करते हैं. उसके बाद पवित्र नदियों में प्रवाहित करते हैं तो आपको शनि की साढ़ेसाती और पित्र दोष से मुक्ति मिलती है और धन का लाभ होता है इसके साथ ही नजर दोष से मुक्ति पाने के लिए यह उपाय सबसे कारगर साबित होता है .सरसों का तेल: पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक रावण के चंगुल से शनि को छुड़ाने के बाद हनुमान जी ने उनके शरीर पर सरसों के तेल से मालिश की थी और सनी को इससे दर्द से मुक्त किया था. तभी से शनिदेव पर सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा भी चली आ रही है. अगर आप सभी जयंती के दिन शनि की शीला पर सरसों के तेल से अभिषेक करते हैं तो गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है .नीला फूल: शनि का नीले रंग से भी खास संबंध है और नीला फूल उन्हें अति प्रिय भी है. अगर आप शनि जयंती के दिन नीला फूल अर्पित करते हैं. तो धार्मिक मान्यता के मुताबिक ऐसा करने से तरक्की के कई सारे रास्ते खुलते हैं.(नोट: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र द्वारा आधारित है न्यूज़ 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है.).FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 09:33 IST
Source link
Techie Loses £16 Lakh In Matrimony Scam
Hyderabad: A 26-year-old software engineer from Madhapur who allegedly lost £16 lakh in an online matrimony scam approached…

