अमित सिंह, प्रयागराज : साहित्य की नगरी प्रयागराज में सीबीएसई के परिणामों ने प्रयागराज को कटघरे में खड़ा कर दिया गया. कारण यह कि परिणाम के मामले में देश के सभी 16 रीजन में यह फिसड्डी साबित हुआ है. यानी इसका अंतिम से पहला स्थान है. शिक्षाविदों ने इस पर घोर चिंता जताई है, उनका मानना है कि सीबीएससी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों पर ज्यादा भरोसा करते हैं और रेगुलर स्कूल में नहीं जाते हैं ऐसे में यह परिणाम आना स्वाभाविक है. वह बीते दिन आई उत्तर प्रदेश बोर्ड का परिणाम आने पर प्रयागराज टॉप 5 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा था.बता दें कि शीर्ष पर दक्षिण रीजन का कार्यालय रहा. रीजन के परीक्षा परिणाम को लेकर गोल्डन जुबली स्कूल के प्रधानाचार्य सुष्मिता का कहना है कि 12वीं के छात्रों ने पहली बार बोर्ड परीक्षा दी थी , बोर्ड को लेकर जिस प्रकार तैयारी की जानी चाहिए इस वर्ष वैसे नहीं हो पाई. इसके अलावा कोरोना वायरस के बीते दो सालों में बच्चों में पढ़ाई को लेकर काफी हद तक लापरवाही देखी गई है .कोचिंग संस्थानों के भरोसे छोड़ दियाश्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रविंद्र विरदी कहती हैं कि अभिभावकों ने अपने बच्चों को कोचिंग संस्थानों के भरोसे छोड़ दिया है. एक बड़ा का कारण यह है कि बच्चे ना तो कोचिंग के हो पाए और ना स्कूल संस्थान के. अक्सर देखा गया है कि बच्चों की अटेंडेंस स्कूलों में कम होती जा रही है. कोविड-19 में बिना परेशानी पास होने के कारण बच्चों में अति आत्मविश्वास भी भर गया था. दूसरा एक बड़ा कारण यह भी कि 12वीं बोर्ड में गणित के प्रश्नों को घुमा कर पूछा गया था. बच्चों ने सही प्रकार से अभ्यास नहीं किया था जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा . यही कारण है कि प्रयागराज का परिणाम इतना खराब आया.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : May 13, 2023, 22:17 IST
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