अभिषेक जायसवाल/वाराणसी. सनातन धर्म में बिगड़े ग्रहों की चाल सुधारने के लिए ज्योतिषी अक्सर लोगों को रत्न पहनने की सलाह देते है. ज्योतिषियों के सलाह पर लोग रत्न खरीदतें है और उसे पहनते भी है.लेकिन रत्न खरीदने के साथ अक्सर मन में उसके शुद्धता को लेकर संशय बना होता है कि बाजार से खरीदे गए महंगे रत्न असली है या फिर नकली?लेकिन जल्द ही लोगों को अब इस समस्या से निजात मिल जाएगी. रत्नों के गुणवत्ता की जांच के लिए सर्व विद्या की राजधानी कहें जाने वाले बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में केंद्र की स्थापना हो रही है. विश्वविद्यालय के सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में रत्नों और बेशकीमती पत्थरो के जांच के लिए केंद्र शुरू होगा. इस केंद्र में लोकल व्यवसायी अपने रत्नों की जांच करा पाएंगे.इन शहरों में है ये सुविधाइसकी जानकारी के लिए गुरुवार को विश्वविद्यालय में एक बैठक भी हुई. जिसमें इससे जुड़े व्यवसायियों को इसकी जानकारी दी गई. विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अनिल त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक रत्नों की जांच के लिए इससे जुड़े व्यवसायियों को मुम्बई, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था. लेकिन जल्द ही वाराणसी सहित पूरे यूपी,बिहार, झारखंड और आसपास के राज्यों के लोग यहां इसकी जांच कराकर ये जान पाएंगे कि रत्न या बेशकीमती पत्थर असली है या फिर नकली.इतनी लागत से हो रहा तैयारइस काम में 3 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च होंगे.जिससे यहां इन पत्थरों और रत्नों के जांच के लिए हाईटेक मशीनें लगेंगी. भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से इस केंद्र की स्थापना हो रही है. बताते चलें कि लम्बे वक्त से इस केंद्र की जरूरत यूपी और आस पास के राज्यों में थी.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : April 27, 2023, 22:29 IST
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