करौली. अमूमन संत के पीछे श्रद्धालुओं की भीड़ चलती नजर आती है, पर अयोध्या से केला मां की पैदल यात्रा पर निकले संत के पीछे एक गाय चलती नजर आ रही है. इस अद्भुत संयोग को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. दरअसल, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की नगरी अयोध्या से केला देवी के दरबार तक संत रोदास त्यागी पैदल यात्रा पर निकले हैं. लेकिन उनके पीछे-पीछे एक गौमाता भी चल रही हैं. इस नजारे को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो रहे हैं.सुन कर हर कोई एक बार इस बात को नकार देगा. लेकिन इस अद्भुत सहयोग को देखकर आम आदमी सहित राजस्थान पुलिस के जवानों में भी श्रद्धा भाव झलक पड़ा. उन्होंने पैदल यात्रा कर रही गौमाता को गर्मी ऋतु के अनेक फल खिलाकर उनसे आशीर्वाद लिया.
अयोध्या की बड़ी छावनी से केला मां की यात्रा कर रहे संत रोदास त्यागी का कहना है कि हमारी गौमाता का नाम है गंगा. श्रद्धा के इस भाव को समझने के लिए लोग तरह-तरह के विचार धारणा करते हैं. लेकिन हमारी गौमाता गंगा के कार्यचरित को तो केवल ठाकुर जी ही जानें. गौमाता के इस कार्यचरित को हम तो क्या जानें. इनके अंदर तो 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है. इनकी इस अद्भुत लीला को केवल यही समझ सकती है.
अयोध्या के संत रोदास त्यागी के मुताबिक, अयोध्या से पैदल यात्रा कर रही गौमाता का जन्म राममंदिर की नींव रखने से डेढ़ घंटे पहले हुआ था. संत ने बताया कि जैसे ही हमारी इस गौमाता का अवतरण हुआ. तब से ही हमारी यह भावना थी कि हमारे राममंदिर का कार्य सफल होता जा रहा है. उसी वक्त हमने यह प्रण ले लिया कि हम राजस्थान के केला मैया के दरबार तक पैदल यात्रा करेंगे. जैसे ही हमने 10 मार्च को अपनी ये पैदल यात्रा शुरू की, उसी वक्त से जिस प्रकार माता यशोदा भगवान श्री कृष्ण के पीछे-पीछे भागती रहती थीं, उसी प्रकार हमारी इस यात्रा में यह गौमाता जगदंबे भवानी की तरह हमारे पीछे-पीछे अयोध्या से चल रही है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : April 25, 2023, 16:18 IST
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