झांसी: बुंदेलखंड के झांसी और ललितपुर में अब गिद्धों (Vultures) की संख्या बढ़ने लगी है. वन विभाग (Forest department) द्वारा समय-समय पर गिद्धों की संख्या पता करने के लिए गणना करवाई जाती है. हाल ही में वन विभाग द्वारा की गई गणना के अनुसार झांसी ललितपुर में कुल 281 गिद्ध पाए गए हैं. इससे पहले साल 2018 में हुई गणना में यहां सिर्फ 56 गिद्ध पाए गए थे. बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जिलों में से सिर्फ झांसी और ललितपुर में ही गिद्ध पाए गए हैं.गिद्ध को प्रकृति का सफाई कर्मचारी भी कहा जाता है. आसमान में बहुत ऊंचाई पर उड़ने वाले इस विशालकाय पक्षी की नजर हमेशा जमीन पर रहती है. गिद्ध को जहां भी कोई डेड बॉडी नजर आती है, वहां पूरा झुंड पहुंच कर उसे खा जाता है. बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले कई सालों से गिद्धों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही थी. इसकी मुख्य वजह पशुओं को खिलाने वाली दर्द निवारक दवा डिफलोफेनिक को माना गया. जिन पशुओं को यह दवा खिलाई गई थी उनके मांस को खाने से गिद्धों की हृदय और किडनी काम करना बंद कर देती है.बढ़ रहा है गिद्धों का कुनबाप्रभागीय वन अधिकारी एमपी गौतम ने बताया कि पूर्व में गिद्धों की संख्या काफी कम हो गई थी. साल 2018 में ललितपुर में मात्र 41 और झांसी में सिर्फ 15 गिद्ध पाए गए थे. वन विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम के बाद गिद्धों की संख्या में इजाफा हुआ है. नई गणना में झांसी में गिद्धों की संख्या 40 पाई गई है और ललितपुर में यह आंकड़ा 241 पहुंच गया है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : April 08, 2023, 17:22 IST
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