विशाल भटनागरमेरठः चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा भले ही नई शिक्षा नीति को लेकर कॉलेजों को समझाने का अनेकों प्रयास कर लिया हो. लेकिन उसके बावजूद भी जमीनी स्तर पर कुछ कॉलेज का स्टाफ, एनईपी 2020 को नहीं समझ पाए हैं. जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. दरअसल एनईपी के तहत जितने भी परीक्षा परिणाम आ रहे हैं. उसमें जहां छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में फेल हो रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं. जिसमें छात्र-छात्राओं के विषय कोड ही गलत भर गए.नई शिक्षा नीति के तहत सभी छात्र-छात्राओं को सेमेस्टर प्रणाली के तहत कोड का चयन करना अनिवार्य था. लेकिन देखा जा रहा है कि स्टूडेंट एनईपी को लेकर अभी तक नहीं समझ पाए. जिससे कि उन्होंने गलत कोड का चयन कर लिया है. वहीं कॉलेज प्रशासन द्वारा भी परीक्षा फॉर्म का वेरिफिकेशन करते हुए विश्वविद्यालय भेज दिया. अब जब परीक्षा में स्टूडेंट फेल हुए तो सभी को अपनी गलती का पता चल रहा है.नियमों के तहत छात्रों को दी जाएगी राहतफेल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया. न्यूज-18 लोकल की टीम ने जब कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि ऐसे 3 कॉलेज है. जिनके यहां से सब्जेक्ट कोड में गलती हुई है. छात्रों के हितों को देखते हुए अधिकृत जो कमेटी है. उसके समक्ष मुद्दा रखा जाएगा. उसमें छात्राओं का निवारण कराया जाएगा.बताते चलें कि यह हालात तो जब देखने को मिल रहे हैं. जब समय समय पर विश्वविद्यालय द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 को लेकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर वीडियो भी अपलोड कर दी गई है. जिससे कि कॉलेज और छात्र फॉर्म भरते समय उन बातों का ध्यान रखें.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : March 25, 2023, 17:40 IST
Source link
Parental Care Is Also Daughters’ Duty: Telangana HC
The Telangana High Court has underscored that daughters, like sons, bear an equal responsibility to care for ageing…

