अमेठी में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत लोगों की सुविधा के लिए यह शौचालय बनाए गए थे. ऐसे में शौचालय बनने के बाद कुछ माह में ही गुणवत्ता विहीन और मानक विहीन लापरवाही के कारण जर्जर हो गया .कहीं दरवाजे टूट गए हैं, तो कहीं अंदर सीट ही नहीं है. पंचायत राज अधिकारी रतन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऐसे शौचालयों का हम सब ने सर्वे करा लिया है. हमारी रिपोर्ट आ गई है
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अधिकारियों के अनुसार पिछले दशक में 10,000 से अधिक माओवादी हथियार डाले हैं।
नई दिल्ली: सुरक्षा दबाव और पुनर्वास प्रयासों के संयोजन ने देश की सबसे लंबे समय तक चलने वाली…

