गोरखपुर : अपने आराध्य देवी देवताओं को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए भक्तगण गर्म कपड़े पहना रहे हैं. शहर के नामचीन मंदिरों से लेकर लोगों के घर के मंदिर में भी देवी देवताओं का वस्त्र मौसम के अनुकूल हो गया है. कोई ऊनी तो कोई वेलवेट से सिले गर्म कपड़े पहना रहा है.कोई भगवान को रजाई तो कोई कंबल ओढ़ा रहा है.अधिकांश मंदिरो के गर्भगृह में हीटर और ब्लोअर की व्यवस्था भी की गई है.मंदिरों में देवी देवताओं को पहनाए गए उन्हीं कपड़े और शाॅलगोलघर स्थित काली मंदिर में माता को ठंड से बचाने के लिए ऊनी शॉल ओढ़ाई जा रही है तो वहीं मोहद्दीपुर स्थित श्री श्री गोपाल मंदिर में राधा कृष्ण,श्री लक्ष्मी-नारायण,भगवान शिव-पार्वती और लड्डू गोपाल को ऊन की पोशाकें पहनाईं जा रही हैं.मौसम के अनुसार भोग की भी है व्यवस्थादेवी देवताओं के दैनिक भोग को भी ठंड मौसम के अनुकूल कर दिया गया है.गर्म खाद्य सामग्री के अलावा बादाम, पिस्ता, काजू, गुड़ समेत साबूदाना की खिचड़ी और कुट्टू के आटे की पूड़ी का भोग लगाया जा रहा है.भोग की व्यवस्था भी मौसम के अनुसार कर दी जाती है. ठंड के मद्देनजर देवी – देवताओं को सुबह बादाम, काजू और पिस्ता डालकर गर्म दूध का भोग लगाया जाता है. दोपहर में मेवे और गोंद से बने व्यंजनों का भोग लगाया जाता है.मंदिर के पुजारी क्या कहते हैं ?श्री श्री गोपाल मंदिर के पुजारी कमलाकांत ओझा ने बताया की मौसम के अनुरूप देवी देवताओं के लिए भक्तजन गर्मी में पंखा – कूलर और ठंड में ऊनी शाल ,ऊनी कपड़े की व्यवस्था करते है. ईश्वर तो निर्विकार है उनपर किसी मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता , लेकिन जब भक्त और भगवान का संबंध प्रगाढ़ हो जाता है तो जिस तरह मौसम का असर भक्तों पर पड़ता है.उसी तरह उनके आराध्य भी प्रभावित होते हैं. यही वजह है कि मंदिरों में मौसम के अनुकूल देवी – देवताओं को वस्त्र पहनाया जाता है. गोलघर स्थित काली मंदिर के पुजारी कृष्ण गोपाल सैनी ने बताया कि मां को सर्दी के वक्त ऊनी शाल ओढ़ाई जाती है और मौसम के अनुरूप भोग भी लगाया जाता है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : January 20, 2023, 22:47 IST
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