अयोध्या: देशभर में मकर संक्रांति के पर्व की धूम है. सनातन धर्म को मानने वाले लोग मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान ध्यान करके अक्षय पुण्य की प्राप्ति करते हैं. लोग अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए प्रयागराज में मकर संक्रांति के पहले कल्पवास करते हैं. उसके बाद मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंगा स्नान के बाद रामनगरी अयोध्या के सरयू में भी स्नान करने पर ही पापों का संपूर्ण नाश होता है. तो चलिए आज आपको हम बताते हैं आखिर क्यों ऐसा हैरामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि गंगा स्नान के बाद लोग राम नगरी अयोध्या के सरयू में स्नान इसलिए करते हैं. क्योंकि स्वयं तीर्थों के राजा प्रयागराज खुद मां सरयू में स्नान ध्यान करने आते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जब लोग प्रयागराज में अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं. तो तीर्थराज प्रयाग का शरीर काला हो जाता है और उसके बाद जब तीर्थराज प्रयाग सरयू में स्नान करते हैं तो वह अपने दिव्य रूप में आ जाते हैं.जानिए क्या है धार्मिक मान्यतारामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि अयोध्या भगवान प्रभु श्रीराम की पावन नगरी है. जिसका उल्लेख करते हुए गोस्वामी तुलसीदास लिखते हैं, “गंगा बड़ी गोदावरी ना तीर्थराज प्रयाग, सबसे बड़ी अयोध्या जहां राम लिहिन अवतार”. ऐसे में जो मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करते हैं. उसके बाद उनको सरयू में भी स्नान करना होता है. क्योंकि मां सरयू की अपनी अलग महिमा है.मां सरयू में स्नान ध्यान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. जिसकी वजह से लोग मकर संक्रांति में गंगा स्नान के बाद राम नगरी अयोध्या के सरयू में स्नान करते हैं. यही वजह है कि तीर्थों के राजा प्रयागराज भी मां सरयू में स्नान ध्यान करते हैं.नोट: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है. न्यूज़ 18 लोकल इसकी पुष्टी नहीं करता है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : January 14, 2023, 14:49 IST
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