Cold stress syndrome: 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं. इसके बाद जेईई मेन का एग्जाम भी होना है. इसकी तैयारी में जुटे लाखों छात्र कड़ाके की सर्दी से परेशान हैं. इस भीषण सर्दी में छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी हैं, ऐसे में वो कोल्ड स्ट्रेस सिंड्रोम के शिकार हो रहे हैं. मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में इस हफ्ते कई सारे छात्र-छात्राएं आ चुके हैं. इसके अलावा कुछ की पढ़ाई भी पूरी तरह ठप हो गई है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. नरेश चंद्र ने बताया कि सर्दी में स्ट्रेस केवल मनोवैज्ञानिक घटना नहीं है. तापमान में गिरावट से बायोलॉजिकल पर भी असर पड़ता है. अभी तक जो रिसर्च हुए हैं उनसे यह साबित है कि तापमान गिरने से मानसिक गतिविधियां भी कमजोर पड़ जाती हैं. सर्दी में शारीरिक गतिविधियां भी कम हो जाती हैं जिससे हार्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं निकल पाते हैं. इससे सर्दी में ज्यादा उदास रहने की स्थिति पैदा हो जाती है.
कोल्ड स्ट्रेस के लक्षण
अंधेरे में अधिक से अधिक समय बिताना
किसी से बात न करना, कोई बोले तो गुस्सा आना
ज्यादा खाना खाना या खाना-पीना पूरी तरह छोड़ देना
हर समय आंख बंद होने जैसी समस्या पैदा होना
इस तरह करें कोल्ड स्ट्रेस सिंड्रोम से बचाव
किसी एक कमरे तक अपने को ज्यादा देर तक सीमित न रहने दें
अंधेरे में न रहें, सूरज की रोशनी के लिए बाहर जरूर आएं
परिवार में बात करें, पढ़ाई के लिए सभी को इग्नोर न करें
घर के अंदर ही सही लेकिन टहलने की आदत डालें
यदि आप ज्यादा उदास हो रहे हैं तो मनोवैज्ञानिक से राय अवश्य लें
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