kader khan death due to progressive supranuclear palsy: मशहूर फिल्म एक्टर, राइटर और कॉमेडियन कादर खान ने अपनी जिंदगी में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और इस दौरान हर तरह के किरदार निभाए हैं. एक्टिंग करने के अलावा इस अभिनेता ने कई फिल्मों के डायलॉग भी लिखे थे, जो आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं. हालांकि अब वो हमारे बीच नहीं हैं, लंबे समय तक बीमार रहने के बाद 31 दिसंबर 2018 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. क्या आप कादर खान की मौत की वजह जानते हैं? अगर नहीं जानते तो ये खबर आपको पढ़नी जरूरी है.
कादर खान का निधन जिस प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लियर पाल्सी यानी PSP (progressive supranuclear palsy) नाम की बीमारी से हुआ वह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (neurological disorder) है. इसमें मरीज की आंखों की पलक नीचे नहीं आती है, ये बीमारी कैसे होती है और इससे क्या लक्षण हैं, इसे लेकर हमने जाने माने मनोचिकित्स डॉक्टर विकास खन्ना से खास बातचीत की है. नीचे जानिए इस बीमारी के बारे में सबकुछ….
क्या है प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लियर पाल्सी (PSP)
प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी (पीएसपी) (progressive supranuclear palsy) एक असामान्य मस्तिष्क विकार है, जो शरीर की गति, चलने के दौरान बनने वाले संतुलन, बोलने, निगलने, देखने, मनोदशा और व्यवहार के साथ सोच को प्रभावित करता है. यह डिसऑर्डर मस्तिष्क में नर्व सेल्स के नष्ट होने के कारण होता है. आसान शब्दों में कहें तो इससे पीड़ित होने पर ब्रेन का मसल्स से कंट्रोल खराब हो जाता है, इसलिए मरीज अपनी आंखों पर कंट्रोल नहीं कर पाता है, मरीज के चाहने पर भी पुतली ऊपर नीचे नहीं होती.
इन लोगों के लिए ज्यादा खतरामीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो PSP नाम की यह बीमारी 1 लाख लोगों में से मुश्किल से 3 से 7 लोगों को होने का खतरा रहता है, लेकिन औसतन 65 साल के बाद के उम्र के बुजुर्गों को यह बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है.
प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी के लक्षण (Symptoms of Progressive Supranuclear Palsy)
थकान बहुत होती है.
कहीं मन नहीं लगता.
चलना बेहद मुश्किल होता है.
चलते-फिरते शरीर में कंपन होता है.
आंख की रोशनी कम हो जाती है.
तेज रोशनी से दिक्कत होने लगती है.
नींद नहीं आती.
बोलने और सुनने में दिक्कत होना
मरीज को किस किस तरह की दिक्कतें होती हैं?डॉक्टर विकास खन्ना बताते हैं कि इस दुर्लभ बीमारी में कई तरह की दिक्कतें आती हैं. मसलन संतुलन बनना काफी मुश्किल होता है. चलने-फिरने के साथ-साथ खाने को निगलने, बोलने में भी प्राब्लम्स का सामना करना पड़ता है.
आखिर किस वजह से होती है ये बीमारी?जाने माने मनोचिकित्सक डॉक्टर विकास खन्ना कहते हैं कि प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी शरीर में एक प्रोटीन के कारण होती है. इस प्रोटीन का नाम तउ है. यह दिमाग के एक हिस्से में बिल्ड होने लगता है और ब्रेन सेल्स पर अपना बुरा प्रभाव छोड़ता है. मसला ये भी है इस स्थिति के बारे में पता लगाने का कोई भी टेस्ट नहीं है, कहा तो यहां तक जाता है कि इस बीमारी का कोई ट्रीटमेंट भी नहीं है.
प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी से बचने का तरीका?पीएसपी का कोई इलाज नहीं है. इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को खुद को सहज रखने की कोशिश करनी चाहिए. हालांकि इस बीमारी के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर्स द्वारा कुछ निर्धारित दवाओं के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है.
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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.
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