हम लोग कलयुग के बारे में कई बार बातें करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि, इस कलयुग की शुरुआत मेरठ से 30 किलोमीटर दूर किला परीक्षितगढ़ से हुई थी. जी हां आज भी यहां श्रृंगी का आश्रम बना हुआ है. जिसके बारे में कहा जाता है कि, कलयुग ने प्रथम बार यही प्रवेश किया था. इस आश्रम के बारे में यह भी कहा जाता है कि, आश्रम परिसर के अंदर कोई भी सांप किसी भी व्यक्ति को कभी डंसता नहीं है. यहीं पर ही गांधारी तालाब भी बना हुआ है. इसी के साथ ही किला परीक्षितगढ़ में भी अनेकों किदंवती का उल्लेख है.
Source link
विधान परिषद सदस्य पर्वत रेड्डी ने मंत्री नरयाना के ‘जनता विरोधी’ निर्णयों के खिलाफ हमला किया है।
नेल्लोर: विधान परिषद के सदस्य पर्वतारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने बुधवार को मंत्री पी. नारायण पर हमला किया, आरोप…

