Uttar Pradesh

Amethi: महाभारतकालीन है ‘अहोरवा भवानी’ का मंदिर, दिन में 3 बार स्वरूप बदलती हैं मां



आदित्य कृष्ण

अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी में मां अहोरवा भवानी का प्रसिद्ध मंदिर है. इस मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ है. इसकी स्थापना खुद पांडवों ने की थी. देवी मां की महिमा अपरंपार है जिससे यहां दूर-दर से भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं. मान्यता है कि मां भवानी के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है. इतना ही नहीं, अहोरवा भवानी दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं. वर्तमान समय में भी यह मंदिर भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है.

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित शिवकुमार तिवारी ने बताया कि द्वापर युग में जब पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान यहां से गुजरे थे. इस दौरान उन्होंने यहीं के जंगल में रात बिताई थी. अर्जुन को मां भवानी ने स्वप्न में दर्शन दिये थे तो उन्होंने उनसे विजयश्री का वरदान मांगा था. जब मां भवानी ने अर्जुन को वरदान किया तो पांडवों ने यहां इस मंदिर की स्थापना कराई थी. मान्यता है कि मां भवानी के आशीर्वाद से नि:संतानों को संतान की प्राप्ति होती है.

आपके शहर से (अमेठी)

उत्तर प्रदेश

UP Nikay Chunav 2022: गाजियाबाद में 16 साल बाद सीट हुई अनारक्षित, मेयर पद के लिए ये नेता ठोक रहे ताल

Mathura: मथुरा के एक स्कूल में अचानक टीचर बने डीएम पुलकित खरे, जानिए फिर क्या हुआ?

झांसी में स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक करने के लिए साथ आए सभी विभाग, जानिए क्या हुआ बदलाव?

Chitrakoot: अन्ना मवेशी लेकर तहसील पहुंचे किसान, मची अफरा तफरी, जानें पूरा माजरा

खुशखबरी! सरकार किसानों को मुफ्त दे रही 2 सोलर पंप, महंगे डीजल से मिलेगी निजात, देखें फायदा उठाने की पूरी प्रक्रिया

बदायूं में सड़क हादसा, खाई में गिरी बच्चों से भरी स्कूल बस, आसपास मच गई चीख-पुकार

मथुरा के केंद्रीय बकरी अनुसंधान ने रचा इतिहास, वैज्ञानिकों ने बकरी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया नया प्रयोग

बाराबंकी में नई तकनीक से मछली पालन की आसिफ ने, छोटे तालाब से निकला बड़ा मुनाफा

नोएडा की सुरक्षा के लिए ‘तीसरी आंख’ का सहारा, इतने स्थान पर लगाये जाएंगे CCTV कैमरे

नकली खाद कारोबारियों ने रायबरेली में बनाया फोन नेटवर्क, किसानों को लगा रहे चूना

उत्तर प्रदेश

अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं माताअहोरवा मंदिर के बारे में मान्यता है कि सुबह से शाम तक मां भवानी तीन बार अपना स्वरूप बदलती हैं. सुबह मां भवानी बाल अवस्था, दोपहर में युवावस्था और शाम से अगले दिन सुबह तक मां भवानी वृद्धावस्था में नजर आती हैं. पांडवों के द्वारा इस मंदिर की स्थापना के बाद राजा शिव बहादुर सिंह ने इस मंदिर का विस्तार करवाया था. मंदिर परिसर में ही संस्कृत महाविद्यालय भी संचालित किया जाता है.

क्या कहते हैं मंदिर के पुजारीमंदिर के मुख्य पुजारी पंडित शिवकुमार तिवारी ने बताया कि द्वापर युग के इस मंदिर की प्राचीन मान्यताएं हैं. इस मंदिर को अभी तक पर्यटन स्थल के लिए घोषित नहीं किया गया है. जो भी भक्त यहां मां के दर्शन के लिए आता है उसकी हर मनोकामना मां भवानी पूरी करती हैं.

Ahorwa Bhwanihttps://maps.app.goo.gl/H1UAKTnAvMinopdj9
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|Tags: Amethi news, Mahabharat, Up news in hindiFIRST PUBLISHED : December 13, 2022, 18:09 IST



Source link

You Missed

Concerns Over Lapses in Policing Across Rayalaseema, Including in Almaspet
Top StoriesMay 16, 2026

रायलसीमा में, अल्मासपेट सहित, पुलिसिंग में लापरवाही के बारे में चिंताएं

कडप्पा: रायलसीमा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र के जिलों में बार-बार होने वाली पुलिसिंग में लापरवाही के…

Scroll to Top