सर्दी आई, स्मॉग आया. भारत के उत्तरी भागों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है, जिससे लोगों के फेफड़ों में समस्या पैदा हो सकती है. वायु प्रदूषण सांस की समस्याओं को जन्म दे सकता है, जिससे कई लोग सांस लेने के लिए हांफने लगते हैं. इसलिए, वायु प्रदूषण के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने और अपने फेफड़ों को खराब होने से बचाने के लिए सब कुछ करना स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है.
IQAir द्वारा विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2021 के अनुसार, लगातार चार साल से नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित राजधानी रही है. इसके अलावा, दक्षिण एशिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 11 भारत में हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर वायु प्रदूषण के कारण समय से पहले होने वाली सालाना मौतों की संख्या 70 लाख आंकी है. ये चौंकाने वाले आंकड़े हैं और फेफड़ों की सेहत का ख्याल रखने के लिए कदम उठाने की मांग करते हैं.
फेफड़ों को वायु प्रदूषण से कैसे बचाएंवायु प्रदूषण को इंसानों की सेहत के लिए प्रमुख पर्यावरणीय खतरों में से एक माना जाता है. बच्चे, युवा, मध्यम आयु वर्ग की आबादी या बुजुर्ग, सभी को खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक के खतरे से सुरक्षित रहना चाहिए. आइए जानें वायु प्रदूषण के साइड इफेक्ट से सुरक्षित रहने के कुछ तरीके.
1. वायु प्रदूषण के जोखिम को कम करेंव्यापक वायु प्रदूषण उस व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकता है, जिसे प्रतिदिन घर से बाहर निकलना पड़ता है. जितना हो सके घर के अंदर रहने की कोशिश करें और अपने आसपास साफ-सफाई रखें. यदि आप प्रदूषित वातावरण में बाहर जाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए मास्क का उपयोग करें.
2. शारीरिक गतिविधिशारीरिक रूप से एक्टिव होने से आपको उन संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने में मदद मिल सकती है, जो प्रदूषित हवा में सांस लेने से हो सकती हैं. नियमित रूप से सांस लेने के व्यायाम, योग और साथ ही वर्कआउट आपके फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं. जब बाहर की हवा ज्यादा खराब होती है, तो आपको बाहर के बजाय घर के अंदर ही व्यायाम करना चाहिए, खासकर सुबह-सुबह. स्वस्थ फेफड़ों के साथ, आपका शरीर प्रदूषकों से बेहतर तरीके से लड़ने में सक्षम होगा.
3. इम्यूनिटी बढ़ाएकिसी व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए फेफड़ों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसके लिए, मजबूत इम्यूनिटी होना जरूर है, जो आपको हानिकारक पदार्थों से बचाता है. इससे अक्सर गले में जलन, सूखी खांसी, फेफड़ों में जमाव बढ़ जाता है.
4. तंबाकू और धूम्रपान से बचेंसिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, ये मैसेज सिगरेट के पैकेट भी लिखा रहता है. लेकिन क्या हमें इसे रोकना चाहिए? धूम्रपान ख़तरनाक है, खासकर उन लोगों के लिए जो सांस की समस्याओं जैसे अस्थमा और पुरानी सूजन फेफड़ों की बीमारी (सीओपीडी) से पीड़ित हैं. यहां तक कि सेकेंड हैंड स्मोक (पैसिव स्मोक) भी खतरनाक है, खासकर तब जब वायु प्रदूषण का स्तर अधिक हो.
5. संक्रमणों को रोकेंबेसिक हाइजीन का पालन करने से संक्रमण के खतरे को कम करने में काफी मदद मिल सकती है, जो सीधे फेफड़ों पर हमला कर सकता है. अपने हाथों और आस-पास को साफ रखें, खांसी, जुकाम या फ्लू वाले लोगों से दूरी बनाए रखें, पानी पीते रहें, स्वस्थ फल और सब्जियां खाएं.
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