मेरठ. दीपावली (Diwali) के पहले मेरठ में एक्यूआई लेवल (AQI Level) खराब हो गया है. मेरठ शहर (Meerut City) का एक्यूआई 301 यानि रेड़ जोन में आ गया है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (Air Quality Index) को जीरो से 500 तक नापता है. जीरो से 50 एक्यूआई तक हवा अच्छी मानी जाती है और इसे सेहत के नजरिए से ग्रीन जोन में माना जाता है. 51 से 100 के बीच येलो जोन आता है. यूपी पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से इस पर सख्ती के संकेत दिए गए हैं. किसी इंडस्ट्री के प्रदूषण फैलाते पाए जाने पर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है.
एक्यूआई 150 के पार होने पर ऑरेंज जोन में कहा जाता है. इसका अर्थ है कि हवा बुजुर्गों और बीमारों के लिए ठीक नहीं है. एक्यूआई 151 से 200 के बीच रेड जोन में आता है. जब एक्यूआई 201 से 300 के बीच हो तो सेहत के लिए खतरा बढ़ जाता है. एक्यूआई 301 के पार जाने पर इसे सेहत की दृष्टि से हेल्थ इमरजेंसी की श्रेणी में माना जाता है.
दीपावली के आसपास प्रदूषण के बीते वर्षों के अनुभव को देखते हुए मेरठ में यूपी पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने इस बार ख़ास एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. इस प्लान के तहत पंद्रह अक्टूबर से ग्रैप तो लागू कर ही दिया गया है, अब रेड कैटेगरी वाली इंडस्ट्रीज़ अगर प्रदूषण फैलाते पाईं गईं तो उन पर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है.
मेरठ में यूपी पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र का कहना है कि अगर कोई इंडस्ट्री प्रदूषण फैलाते पाई जाती है तो उस पर दस लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है. उन्होंने बताया कि एक्यूआई के अऩुसार दस लाख से एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
यूपी पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र का कहना है कि कंस्ट्रक्शन एजेंसी इंडस्ट्रीज़ पेपर मिल शुगर मिल पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. विभाग दीपावली के पहले दीपावली के दौरान और दीपोत्सव के बाद आकलन करेगा. यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऑफिस के कंट्रोल रुम से भी शहर में पॉल्युशन पर निगाह रखी जा रही है. गौरतलब है कि मेरठ में तीस रेड कैटेगरी की इंडस्ट्रीज़ हैं. बागपत में नौ रेड कैटेगरी की इंडस्ट्री हैं.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.
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