Uttar Pradesh

Kashi-Tamil Sangamam: BHU में लगी प्रदर्शनी का युवाओं में जबरदस्त क्रेज, जानें वजह



वाराणसी. देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में दक्षिण से उत्तर भारत का समागम हो रहा है. काशी इन दिनों पूरी तरह दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु के रंग में रंगी नजर आ रही है. वहां की कला संस्कृति और खान पान के साथ सभ्यता की झलक काशी में देखने को मिल रही है. जबकि दक्षिण के रंग में रंगी काशी में तमिल समागम में एक प्रदर्शनी खासा चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि यहां लोगों को तमिलनाडु के उन स्वततंत्रा सेनानियों के बारे में बताया जा रहा है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाई थी. बीएचयू (BHU) के एमपी थ्रिएटर मैदान में लगी इस प्रदर्शनी को देखने के लिए युवाओं में जबरदस्त क्रेज है.प्रदर्शनी में चित्रों के साथ ऑडियो वीडियो माध्यम से भी उनकी गाथा बताई जा रही है.इसके लिए यहां स्मार्ट टीवी के अलावा एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है. साथ ही विशेष तरह के होर्डिंग से तमिलनाडु के शूरवीरों के बारे में बताया जा रहा है. केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से इस प्रदर्शनी को लगाया गया है, जो पूरे एक महीने तक देखने को मिलेगी. इस प्रदर्शनी को देखने आए छात्र राहुल ने बताया कि इस प्रदर्शनी के जरिए उन्हें तमिलनाडु के साथ देश की स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े तमाम महापुरुषों और शूरवीरों के बारे में जानकारी मिल रही है, जो बेहद अहम है.स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा फिल्मी जगत के बारे जानकारीकेंद्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी के प्रभारी सुभाष चन्द्र यादव ने बताया कि इस प्रदर्शनी में दक्षिण भारत के प्रमुख शख्सियत के अलावा वहां के स्वतंत्रता सेनानी और फिल्मी जगत के नाम चीन चेहरों के बारे में विभिन्न माध्यम से जानकारी दी जा रही है. इस प्रदर्शनी को देखने के लिए बीएचयू के स्टूडेंट्स के अलावा दूसरे कॉलेज और छात्र छात्राएं खासा दिलचस्पी दिखा रहे हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : November 23, 2022, 16:24 IST



Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 7, 2026

मुरादाबाद की पीतल नगरी में बन रही साईं बाबा की मूर्तियां, देश-विदेश तक जबरदस्त डिमांड, जानिए खासियत

Last Updated:February 07, 2026, 22:46 ISTमुरादाबाद. यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में अपनी पीतल कला और ‘पीतल नगरी’…

Scroll to Top