नींद की गुणवत्ता और टाइम दोनों का समान महत्व है. नींद किसी के शारीरिक, भावनात्मक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए आवश्यक है. नींद की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं. यह एक फैक्ट है कि नींद ना आने की बीमारी, विशेष रूप से अनिद्रा (insomnia), दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज, कम इम्यूनिटी, कैंसर, डिप्रेशन, सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है. हाल के अध्ययनों से यह भी पता चला है कि महिलाओं में नींद की गड़बड़ी ओवुलेटरी डिसफंक्शन, अनियमित पीरियड्स और खराब प्रजनन क्षमता से जुड़ी है.
फर्टिलिटीइनफर्टिलिटी के इलाज के लिए अच्छी नींद क्यों जरूरी है, इसके कई कारण हैं. नींद और प्रजनन आपस में जुड़े हुए हैं और एक सर्कैडियन लय का पालन करते हैं. मेलाटोनिन एक हार्मोन है, जो शरीर की सर्कैडियन लय को बनाए रखता है. नींद या सर्कैडियन लय में कोई गड़बड़ी इन हार्मोनों के सामान्य उत्पादन और कामकाज में बाधा डाल सकती है. कुछ रातों में पर्याप्त नींद न लेने से हार्मोन उत्पादन और तनाव सहनशीलता को बाधित कर सकती हैं.
हार्मोन का संतुलन बिगड़नानींद की कमी आपके मूड और प्रोडक्टिविटी से कहीं अधिक प्रभावित करती है. नींद की कमी से फर्टिलिटी को बढ़ावा देने वाले कुछ प्रजनन हार्मोन का उत्पादन ठीक ढंग से नहीं होता है. ओव्यूलेशन में हार्मोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सच तो यह है कि जब हम सो रहे होते हैं, तब भी हमारा शरीर एक्टिव रहता है. हर रात हमारी अंतःस्रावी प्रणाली (endocrine system) गर्भधारण में शामिल कुछ प्रमुख हार्मोन का उत्पादन करती है, जिसमें एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (एलएच) और कूप-उत्तेजक हार्मोन (एफएसएच) शामिल हैं. नींद की कमी इन हार्मोनों में हस्तक्षेप कर सकती है, जिससे गर्भ धारण करने में दिक्कत आती है.
अंडे की क्वालिटी में कमीदेर तक जगे रहने और फोन का इस्तेमाल करने से हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है. आपके उपकरणों द्वारा उत्सर्जित नीली रोशनी मेलाटोनिन को दबाती है. मेलाटोनिन नींद को प्रेरित करती है और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होने से ओव्यूलेशन के दौरान अंडों की रक्षा करती है. मेलाटोनिन के अपर्याप्त उत्पादन से अंडे की गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिससे प्रजनन क्षमता कम हो जाती है.
कितनी नींद लेनी चाहिए?हमें रोजाना 6-7 घंटे की नींद लेनी चाहिए. हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि 9 घंटे से ज्यादा ना सोएं. अधिक नींद भी प्रजनन क्षमता के लिए हानिकारक हो सकती है.
सोने का अच्छा शेड्यूल
एक सुसंगत नींद कार्यक्रम बनाए रखें
व्यायाम करें
बेड पर जाने के बाद स्मार्टफोन को दूर कर दें
कमरे में शांति और अंधेरा कायम करें
कैफीन, शराब और निकोटीन का सेवन कम करें
Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है.
Lawmakers question whether US is moving fast enough as Hezbollah weakens
NEWYou can now listen to Fox News articles! A House Foreign Affairs Middle East and North Africa Subcommittee…

