गाजियाबाद. गाजियाबाद दूसरे दिन भी देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा. आज एक्यूआइ 371 दर्ज किया गया. जबकि गुरुवार को एक्यूआइ 373 था. जिले में सबसे ज्यादा लोनी क्षेत्र प्रदूषित रहा. यहां का एक्यूआइ 410 दर्ज किया गया है. वहीं, प्रदूषण बढ़ने से लोगों की आंखों में जलन होने लगी है. चिकित्सों के अनुसार दिनभर सांस लेने का मतलब 33 सिगरेट पीने के बराबर है.
गाजियाबाद में कूड़ा और पराली जलाने के कारण प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ा है. इस कारण लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ता है और जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ बी पी त्यागी बताते हैं कि मौजूदा समय में प्रदूषण के कई कारक हैं. दिल्ली एनसीआर में वाहनों की अधिक संख्या, आसपास के राज्यों में जलाई जा रही पराली, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण ,दिल्ली एन सी आर में कंस्ट्रक्शन वर्क का अधिक होना,ज़्यादा बिजली का इस्तेमाल करना आदि प्रदूषण के मुख्य कारक है.
प्रदूषित हवा में सांस लेना मानो 33 सिगरेट पीने के बराबर है. यदि कोई व्यक्ति दिनभर प्रदूषित हवा में रहता है तो इसका मतलब है कि उसने 33 सिगरेट जितना धुआं इन्हेल किया है, और एक सिगरेट जीवन के 11 मिनट हमसे छीन लेती है.
वे बताते हैं कि हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के बढ़ने के कारण प्रदूषण बढ़ने लगा है. प्रदूषण के इस दौर में मास्क लगाना काफी कारगर साबित हो सकता है. प्रदूषण छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक है. छोटे बच्चों को स्कूल जाते समय और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते वक्त काफी ऐहतियात बरतने की जरूरत है. बुजुर्ग जरूी होने पर घर से निकले. यदि ज्यादा जरूरी नहीं तो घर पर ही रहे.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|Tags: Air pollution, Delhi-NCR Pollution, Ghaziabad NewsFIRST PUBLISHED : October 28, 2022, 19:07 IST
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