World Rabies Day 2022: आपने हाल के पिछले कुछ दिनों में कुत्तों के काटने के कई सारे मामलों के बारे में सुना होगा. कई बार इनके काटने से इंसानों की मौत हो जाती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में हर साल करीब 20 हजार लोगों की मौत कुत्तों के काटने से होती है. आपको बता दें कि कुत्तों के काटने से रेबीज नाम की बीमारी फैलती है, जिससे इंसान की मृत्यु निश्चित है. आज विश्व रेबीज डे है, आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.
दुनियाभर में हजारों लोग रेबीज से संक्रमित हो जाते हैं और भारत में इसका आंकड़ा हर साल बढ़ता जा रहा है. रेबीज सिर्फ कुत्तों से ही नहीं, बल्कि बिल्ली, चमगादड़, मवेशी, घोड़े, बंदर, खरगोश और लोमड़ी के काटने या लार से भी हो सकता है. इसके ज्यादातर मामले ग्रामीण इलाकों में देखने को मिलते हैं. 1970 के बाद आई इसकी वैक्सीन के बाद से रेबीज से होने वाली मौतों का आंकड़ा कई हद तक कम हुआ है.
रेबीज संक्रमित जानवर, इंसान और अन्य दूसरे जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है. जब रेबीज वाले जानवर की लार चोट, आंख या मुंह के जरिए शरीर के अंदर चली जाती है तो रेबीज हो जाता है. रेबीज एक रबडोवायरस फैमिली का आरएनए वायरस है, जो शरीर को दो तरह प्रभावित करता है. यह नर्वस सिस्टम और दिमाग पर अटैक करता है. साथ ही रेबीज शरीर का इम्यून सिस्टम भी कमजोर कर देता है. रेबीज के दिमाग में अटैक करने से मौत हो जाती है. फिलहाल, अभी तक रेबीज का कोई इलाज नहीं है. जिस किसी को भी रेबीज हो जाता है, उसकी मौत हो जाती है.
रेबीज के लक्षण
बुखार
सिरदर्द
न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम
इन्क्यूबेशन
एंजाइटी
गले में खराश
उल्टी और चक्कर आना
कैसे करें रेबीज से बचाव
अपने पालतू और घरेलू जानवरों को रेबीज वैक्सीन दें.
समय पर इलाज कराना.
कुत्ते या किसी अन्य जानवरों के काटने पर डॉक्टर को दिखाएं और एंटी-रेबीज की वैक्सीन लगवाएं.
वाइल्ड जानवरों से बनाएं दूरी.
Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है.
I Feel Sad That I Haven’t Played For India A Despite Consistent IPL Performances: Harpreet Brar
New Delhi: Left-arm spinner Harpreet Brar can’t help feeling sad when he thinks about his non-selection for India…

