Constipation In Fasting: अधिकांश लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं. कब्ज, गैस, पेट दर्द, अपच जैसी दिक्कतें कभी-कभी इतनी बढ़ जाती हैं कि दवाओं का सहारा लेना पड़ता है. पेट से जुड़ी दिक्कतें हर व्यक्ति के खानपान और लिविंग स्टाइल पर निर्भर करती हैं. वहीं कई बार ये समस्याएं उपवास रखने पर भी बढ़ जाती हैं. ऐसे में शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू होने वाले हैं. हिंदू धर्म में इन नौ दिनों का बहुत महत्व है. मां दुर्गा के भक्त इन नौ दिनों में उपवास रखते हैं और मां की पूजा अर्चना करते हैं. वैसे तो बेहतर स्वास्थ्य के लिए डॉक्टर हफ्ते में एक दिन उपवास रखने की सलाह देते हैं. लेकिन बहुत से लोग उपवास के दौरान कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. आइये आपको बताते हैं उपवास के समय होने वाली कब्ज की समस्या से कैसे बचा जा सकता है.
उपवास में इन बातों पर दें ध्यान
1. जब आप लंबे समय के लिए उपवास रखते हैं तो बॉडी डिहाइड्रेशन का शिकार होने लगती है. क्योंकि इस दौरान हम अनाज नहीं खाते हैं जिससे प्यास कम लगती है. इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. उपवास के दौरान आप लगातार पानी पीते रहें. इससे पेट संबंधी किसी भी तरह की समस्या से बचाव करने के साथ ही कब्ज की शिकायत नहीं रहेगी.
2. उपवास के दौरान शरीर हल्का रहता है जिससे हम कोई भी हैवी काम करने से बचते हैं. कई बार कमजोरी के चलते आलस भी आता है. लेकिन शरीर को फिट रखने के लिए आप लाइट वर्कआउट कर सकते हैं. इससे पेट के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा. वर्कआउट के लिए आप वॉकिंग, रनिंग या योगा जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं.
3. अगर आप 2 से ज्यादा दिन तक व्रत रखते हैं तो कोशिश करें कि आपकी बॉडी में फाइबर की कमी न होने पाए. अक्सर लोग उपवास में ऐसे फूड्स खा लेते हैं जिनमें फाइबर की मात्रा काफी कम होती है. जिससे शरीर में एसिड बढ़ने लगता है और कब्ज की शिकायत होने लगती है. इसलिए व्रत के दौरान हमेशा फाइबर रिच फूड जैसे नट्स, फ्रूट्स, साबूदाना का प्रयोग जरूर करें.
4. उपवास रखने का सबका अपना तरीका और आस्था होती है. उपवास के दौरान ज्यादातर लोग एक ही वक्त फलाहार करते हैं. वहीं कई लोग फलाहार के साथ एक वक्त खाना भी खाते हैं. ऐसे में ध्यान रहे कि अगर आपने उपवास किया है तो एक साथ एक ही समय पर खूब सारा भोजन या फलाहार करने से बचें. थोड़ा-थोड़ा ही खाने का प्रयास करें.
Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है.
American Academy of Pediatrics urges schools to protect daily recess time
NEWYou can now listen to Fox News articles! Recess may look like downtime, but pediatricians say cutting it…

