रिपोर्ट-अभिषेक जायसवाल
वाराणसी. भोले के शहर बनारस में गंगा उफान पर है. गंगा में बाढ़ के कारण घाट और मंदिर डूब गए हैं. बढ़ते जलस्तर का सीधा असर अब आम जनजीवन के साथ ही वाराणसी में होने वाले पूजा अनुष्ठान पर भी देखने को मिल रहा है. बाढ़ के कारण वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाला विश्वप्रसिद्ध आरती का स्थान पर स्वरूप अब दोनों बदल गया है. पुलिस के एक आदेश के बाद अब गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली नित्य संध्या गंगा आरती सांकेतिक स्वरूप में हो रही है. यही नहीं भक्तों को भी इससे दूर रखा गया है, जिसके कारण छत पर बकायदा पर्दा लगाकर एक अर्चक द्वारा आरती की जा रही है.बाढ़ के कारण बढ़ते जलस्तर और घाटों पर उमड़ती भीड़ को देखते हुए कोई हादसा न हो इसके लिए पुलिस ने ये कदम उठाया है.
वहीं, सावन के कारण बड़ी संख्या श्रद्धालु काशी आ रहे हैं और गंगा आरती देखने के लिए भीड़ घाटों पर देखने को मिल रही थी. इस बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है.
प्रशासन से वार्ता के बाद लिया फैसलागंगा सेवा निधि के कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी ने बताया कि प्रशासन से वार्ता के बाद सुरक्षा के मद्देनजर समिति ने गंगा आरती को एक अर्चक द्वारा सांकेतिक रूप में कर रही है. इसके अलावा स्थान भी घाटों के सीढ़ियों के बजाय छत को बनाया गया है जिससे परम्परा भी बनी रहे और सावन के कारण होने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ में कोई हादसा भी न हो. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में गंगा का जल स्तर 66 मीटर के करीब है, जो चेतावनी बिंदु से करीब सवा चार मीटर दूर है. बताते चले कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण पहले ही वाराणसी के घाट जलमग्न हो चुके हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Flood alert, Varanasi Ganga Aarti, Varanasi newsFIRST PUBLISHED : August 02, 2022, 16:51 IST
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