Uttar Pradesh

ललितपुर का सरकारी स्कूल कैसे बना आदर्श, कुछ अलग है मेहनत की कहानी



हाइलाइट्सबच्चों को मोबाइल, टीवी और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाया जाता है.प्रधानाध्यापिका को उत्कृष्ट कार्य के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं सम्मानित.ललितपुर. सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही ऐसे स्कूल की तस्वीर बन जाती है, जहां पढ़ाई का स्तर अच्छा नहीं माना जाता. यही कारण है कि अधिकांश अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की ख्वाहिश रखते हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के एक छोटे से गांव नदनवारा के स्कूल ने लोगों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने का काम किया है. यह इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल जिले के आदर्श विद्यालयों में से एक है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने गांववासियों, अधिकारियों और स्टाफ के सहयोग से विद्यालय के भौतिक और शैक्षणिक माहौल में काफी परिवर्तन किया है.
यहां बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत म्यूजिकल प्रेयर और ड्रम, नगाड़ों के साथ योग व्यायाम से होती है. आईसीटी का प्रयोग करते हुए बच्चों को मोबाइल, टीवी और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाया जाता है. इस कारण बच्चें पढ़ाई से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं. जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर नदनवारा गांव में स्थित यह इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल जिले के आदर्श विद्यालयों में से एक है.
प्राइवेट स्कूलों जैसी व्यवस्थास्कूल में प्रधानाध्यापक रिचा अग्रवाल के नेतृत्व में 6 से 7 शैक्षणिक स्टाफ बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने का काम कर रहे हैं. प्रधान के द्वारा भी ऑपरेशन कायाकल्प के तहत काफी काम किया गया है. इसके साथ ही जन सहयोग और प्रधानाध्यापिका के प्रयासों से विद्यालय में सीसीटीवी कैमरा, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, वॉटर रिचार्जिंग की व्यवस्था की गई है. विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था इतनी बेहतर हो गई है कि यह प्राइवेट स्कूलों को भी मात दे रही है.
मिल चुका है सीएम योगी से सम्मानबच्चों की अभिव्यक्ति की आजादी के लिए विद्यालय परिसर में ही एक मंच भी बनाई गई है. यहां की प्रधानाध्यापिका को उनके बेहतर काम के लिए राज्य सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है. साथ ही उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सम्मान मिल चुका है. प्रधानाध्यापिका रिचा अग्रवाल कहती है कि वर्ष 2018 से पहले यह विद्यालय भी आम सरकारी विद्यालयों की तरह ही था. न तो बच्चों के अनुकूल माहौल था और न ही शैक्षणिक व्यवस्था सही थी. अधिकारियों, जन-सहयोग और विद्यालय स्टाफ के संयुक्त प्रयासों से अब तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है. क्लास की दीवारों पर सुंदर कलाकृतियां बनी हुई हैं. पुस्तकालय और प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरा, दिव्यांग शौचालय भी है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Bundelkhand news, Government School, Jhansi news, Lalitpur newsFIRST PUBLISHED : July 24, 2022, 16:49 IST



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