लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई. इस दौरान कई संवेदनशील जिलों में ड्रोन की निगरानी में नमाज पढ़ी गई. यूपी के एडीजी कानून व व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई है.
इसके साथ प्रशांत कुमार ने कहा कि धर्मगुरुओं और पुलिस प्रशासन की मदद से पूरे राज्य में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इस दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. दरअसल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की तत्कालीन प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद साहब के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछली 10 जून को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में व्यापक हिंसा हुई थी. इसके मद्देनजर इस बार जुमे की नमाज के लिए बहुत कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे.
लखनऊ और अलीगढ़ समेत कई जिलों में हुई ड्रोन से निगरानीपुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा के मद्देनजर लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़ और आगरा सहित कई शहरों में संवेदनशील इलाकों की ड्रोन से निगरानी की गई. इस दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए पीएसी और सीएपीएफ के करीब 10 हजार जवान तैनात किए गए.
यूपी की राजधानी लखनऊ में पिछली 10 जून को टीले वाली मस्जिद के बाहर नारेबाजी की गई थी. आज मस्जिद की ड्रोन कैमरे के जरिए निगरानी की गई. नमाज पढ़कर बाहर निकल रहे कुछ नमाजियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को फूल वितरित करके भाईचारे का मुजाहिरा किया.
वाराणसी और प्रयागराज में रहे ऐसे हालात वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने बताया कि जिले में सुरक्षा काफी चौक चौबंद रही एवं ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज के मद्देनजर मस्जिद के आसपास बहुमंजिला इमारतों की छतों पर भी पुलिस बल तैनात रहा. जबकि पिछले जुमे को हिंसा की चपेट में आए प्रयागराज के अटाला क्षेत्र में पुलिस का सख्त पहरा रहा. इसी क्षेत्र में पिछली 10 जून को हिंसा हुई थी. जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में लगभग 300 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे और कई ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई.
पिछली 10 जून को हिंसक घटनाओं के गवाह बने सहारनपुर जिले में आज पुलिस बल खासा मुस्तैद रहा. जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान जामा मस्जिद और बाजार में काफी कड़े हिफाजती बंदोबस्त किए गए. वहीं, सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जा रहे कानपुर जिले में तीन दर्जन से ज्यादा संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और अनेक स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की गई. मूलगंज, अनवरगंज और जाजमऊ समेत कई जगहों पर पुलिस की पैनी निगाह रही.
मेरठ में भी सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रही. इस दौरान पुलिस ने ड्रोन कैमरा की मदद से कई रिहायशी इलाकों का भी जायजा लिया गया. जबकि अलीगढ़ में नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई. शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने मुस्लिम समाज से अपील की थी कि वह किसी भी तरह की हिंसा न करे और नमाज के बाद किसी जगह एकत्र न हो. इस बीच कन्नौज में ड्रोन कैमरा की निगरानी के दौरान छिबरामऊ इलाके में एक धार्मिक स्थल में बनी बाजार की छत पर ईंटों का ढेर पाया गया. इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन ने उस मलबे को वहां से फौरन हटाने के आदेश दिए.
गौरतलब है कि पिछली 10 जून को नूपुर शर्मा मामले को लेकर जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, सहारनपुर, हाथरस तथा अलीगढ़ समेत कई जिलों में हिंसक वारदात हुई थीं. इस मामले में अब तक लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Kanpur violence, Namaz in Masjid, UP police, UP ViolenceFIRST PUBLISHED : June 17, 2022, 19:12 IST
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