संकट मोचन हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर त्यागी परशुराम दास ने बताया कि यह रामानंदी वैष्णव समाज के महात्मा हैं, जो त्यागी परंपरा का अनुष्ठान कर रहे हैं. बसंत पंचमी से यह अनुष्ठान आरंभ होता है और गंगा दशहरा के दिन धूना का समापन होता है. साढ़े 4 महीने का चतुर मासा है यह और इस मास में हमारे संत महंत हठयोग अपने इष्ट देवता के लिए अपने आराध्य के लिए हम लोग किया करते हैं. यह त्यागी परंपरा है जो शरीर में भस्म लगाना भीषण गर्मी में खूब आनंद से हम लोग भजन करते हैं और यह धूना 18 साल तक चलता है. पंच धूना सप्त धूना, द्वादश धूना, फिर 84 घूना यह अलग-अलग श्रेणी का पूरे 18 साल का तप है. इस तरह के योग से अपने अपने इष्ट देवता को मनाने का काम करते हैं.
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