Asia Cup: भारत की युवा हॉकी टीम ने शानदार जज्बा दिखाते हुए बुधवार को यहां जापान को 1-0 से हराकर एशिया कप में कांस्य पदक जीत लिया. दक्षिण कोरिया से 4-4 से ड्रॉ खेलने के बाद गोल अंतर के आधार पर फाइनल में जगह बनाने से चूकी गत चैम्पियन भारतीय टीम के लिए 7वें मिनट में राजकुमार पाल ने मैदानी गोल दागा. इसके बाद भारतीय रक्षापंक्ति ने चुस्ती दिखाते हुए जापान को एक भी गोल नहीं करने दिया.
कोरिया ने जीता खिताब
दक्षिण कोरिया ने फाइनल में मलेशिया को 2-1 से हराकर रिकॉर्ड पांचवीं बार एशिया कप खिताब जीता. दक्षिण कोरिया के लिये मांजाए जंग (17वें मिनट) और ताएल हवांग (52वें मिनट) ने गोल दागे। मलेशिया के लिये एकमात्र गोल सैयद चोलान ने 25वें मिनट में किया. इससे पहले भारत ने अच्छी शुरूआत करते हुए पहले पांच मिनट में कई हमले बोले लेकिन डी के भीतर उन्हें कामयाबी नहीं मिली. 7वें मिनट में उत्तम सिंह ने जवाबी हमले पर दाहिने फ्लैंक से राजकुमार को गेंद सौंपी जिसने जापानी गोलकीपर तकाशी योशिकावा को छकाकर गोल दाग दिया.
भारतीय टीम को मिला ब्रॉन्ज
तीन मिनट बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका. पहले क्वार्टर के आखिरी पांच मिनट में जापान ने बराबरी का गोल दागने की बहुत कोशिश की लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति काफी मजबूत दिखी. जापान को 20वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले जिन्हें भारतीय रक्षापंक्ति ने गोल में बदलने नहीं दिया. दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने कई मौके बनाये लेकिन तीसरे क्वार्टर में लय कायम नहीं रख सकीं.
ब्रेक के बाद जापान ने आक्रामक खेल दिखाकर फिर लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर बनाये लेकिन भारतीय रक्षण को भेद नहीं सके. भारत को एक और गोल करने का मौका भी मिला लेकिन एस वी सुनील के पास पर राजकुमार का शॉट ऊपर से निकल गया. आखिरी दो क्वार्टर में जापानियों ने काफी कोशिश की लेकिन बीरेंद्र लाकड़ा की अगुवाई में भारतीय रक्षण बहुत चुस्त था. जापान को 48वें मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर लगातार मिले जिन पर गोल नहीं हो सका.
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